ईरान में फायरिंग से 7 लोगों की हुई मौत, हमले में दो महिलाओं की जान गई, 10 सुरक्षाकर्मी घायल

ईरान के दक्षिण-पश्चिम शहर ईज़ेह में 16 नवंबर को एक बाजार में कुछ हमलावरों ने फायरिंग कर दी। जिसमें 2 महिलाओं सहित 5 लोगों की जान चली गई। वहीं इस हमले में कुछ अन्य लोग और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्फ़हान शहर में भी फायरिंग की गई। जिसमें 2 सैन्यकर्मियों की जान चली गई। दोनों हमलों में हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार पर होकर आए थे। इन हमलों के पीछे का मकसद क्या था यह अभी पता नहीं चल सका है। माना जा रहा है कि ये हमला 2 महीने से चल रहे हिजाब विरोधी प्रदर्शन से जुड़ा है। जहां पुलिस हिरासत में एक युवती की जान चली गई थी। ईज़ेह में हुए हमले में सुरक्षा कर्मियों सहित 10 लोगों के घायल होने की खबर है।

मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल

खुज़ेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने बताया कि मारे गए लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के कई समूह बुधवार देर रात ईज़ेह के विभिन्न हिस्सों में इकट्ठे हुए, सरकार विरोधी नारे लगाए और पुलिस पर पथराव किया गया। पुलिस ने प्रदशर्न कर रहे लोंगो को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान किसी ने शिया समुदाय के मदरसे में आग लगा दी।

युवती की मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

गौरतलब है कि ईरान में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय युवती की मौत के विरोध में लोग सितंबर से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरान में नैतिकता के नाम पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवती महसा अमीनी (22) को पकड़ा था और 16 सितंबर को हिरासत में लिया था और उसकी मौत हो गई थी। ईरान की सरकार ने लगातार यह दावा किया है कि अमीनी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया, जबकि अमीनी के परिवार का कहना है कि उसके शरीर पर चोट और पिटाई के निशान थे। अमीनी को हिजाब सही तरीके से न पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। देश में पिछले दो महीने से जारी प्रदर्शनों में कम से कम 344 लोगों की जान गई है, जबकि 15,820 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शन को रोकने के लिए ईरानी बलों की ओर से की जा रही कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।