‘एम्स सर्वर हैक होना कोई मामूली घटना नहीं, हो सकती है…,साजिश’, बोले IT मंत्री राजीव चंद्रशेखर

अभी हाल ही में हुए एम्स सर्वर हैक मामले में केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अहम बात कही है. उन्होंने कहा है कि, एम्स में सर्वर हैक होने की घटना कोई मामूली घटना नहीं लगती हैं. इसके पीछे कोई साजिश लगती है. इसमें कोई स्टेट एक्टर भी शामिल हो सकता है. इसके अलावा उन्होंने सर्वर हैक मामले पर कानून को लेकर भी बात कही है.
उन्होंने बोला है कि, एम्स सर्वर हैक मामले में NIA और पुलिस जांच कर रही है. इसके साथ ही चंद्रशेखर ने कहा कि नागरिकों के डेटा की प्राइवेसी को सुनिश्चित करने के लिए सरकार बजट सेशन में डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बिल लाने जा रही है. इससे पहले ही, उन्होंने डेटा प्रोटेक्शन बिल को लेकर कहा था. कि डेटा प्रोटेक्शन बिल के तहत सरकार किसी नागरिक की निजता का उल्लंघन नहीं करेगी.

गृह मंत्रालय की हाई-लेवल मीटिंग

बता दे कि, इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सर्वर हैक मामले को लेकर एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई थी. करीब हफ्ते भर से एम्स का सर्वर रैंसमवेयर हमले से जूझ रहा है. एम्स का सर्वर हैक होने का मामला सामने आया था. गृह मंत्रालय में बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में एम्स प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के अलावा, खुफिया ब्यूरो, एनआईसी, एनआईए, दिल्ली पुलिस और एमएचए के वरिष्ठ अधिकारियों समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए. एनआईसी के अधिकारियों ने बैठक में कहा कि जल्द ही एम्स के सर्वर को सुचारू रूप से काम करने के लिए ठीक कर लिया जाएगा.

आतंकी एंगल से होगी जांच?

एनआईए आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच करती है. बहुत संभावना है कि एम्स सर्वर हैक मामले में एनआईए आतंकी एंगल खंगालेगी. जानकारी के मुताबिक, एम्स के सर्वर में करोड़ों मरीजों के अलावा, बड़ी संख्या में कई वीवीआईपी के डेटा भी मौजूद हैं. ऐसी आशंका है कि रैंसम वेयर हमले के कारण डेटा असुरक्षित हो सकता है.
जांच एजेंसियों की सिफारिश पर एम्स के कम्प्यूटरों पर इंटनेट सेवा रोकी गई है. भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल  गृह मंत्रालय के अधिकारी और दिल्ली पुलिस की टीमें रैंसमवेयर हमले की जांच में पहले से जुटी हैं. दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस  इकाई ने साइबर आतंकवाद और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया था.