क्या है GRAP? दिल्ली के खतरनाक प्रदूषण और स्मॉग के खिलाफ कैसे बनता है ‘सुरक्षा कवच’

सर्दियां नजदीक आने के साथ ही दिल्ली-NCR में स्मॉग और प्रदूषण को लेकर आशंका तेज हो गई है. बीते कुछ सालों से दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत में भीषण स्मॉग और प्रदूषण के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो जाता है. इस साल इस समस्या से निजात पाने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने कुछ उपाय करने शुरू भी कर दिए हैं. ये उपाय ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP के तहत उठाए जा रहे हैं. GRAP के स्टेज-1 के तहत 500 वर्गफुट और उससे ज्यादा भूमि पर चल रहे किसी भी उस निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है जो दिल्ली-यूपी-हरियाणा की सरकारों द्वारा बनाए गए वेब पोर्टल पर रजिस्टर नहीं है.

क्या है GRAP इमरजेंसी उपाय हैं जो प्रदूषण बढ़ने और स्मॉग की स्थिति में चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाते हैं. अगर वायु की गुणवत्ता की बात करें तो AQI 0 से 50 तक अच्छा माना जाता है, 51 से 100 तक संतोषप्रद माना जाता है, 101 से 200 तक मॉडरेट माना जाता है, 201 और 300 के बीच यह खराब माना जाता है, 301 से 400 तक गंभीर तो वहीं 401 से 500 तक बेहद गंभीर माना जाता है. इस साल रिवाइज्ड GRAP का होगा इस्तेमाल GRAP को पहली बार 2017 में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा लाया गया था. इसे फिर CAQM द्वारा रिवाइज किया जाता है. नया GRAP हवा की गुणवत्ता के आधार पर लागू किया जाएगा.

नए GRAP नियमों के मुताबिक स्टेज-3 की स्थिति में राज्य सरकार बीएस-3 और बीएस-4 वाले चारपहिया डीजल वाहनों की एंट्री पर रोक लगा सकती है. ऐसा हवा की गुणवत्ता गंभीर होने की स्थिति में किया जा सकता है. चरणबद्ध तरीके से GRAP को लागू किया जाएगा इस साल पराली जलाने या फिर दीवाली के आस-पास हवा की स्थिति खराब होने की स्थिति में चरणबद्ध तरीके से GRAP को लागू किया जाएगा जिससे आम लोगों की जिंदगी में सहूलियत हो. हवा बेहद गंभीर होने की स्थिति में बीएस-6 गाड़ियों और इमरजेंसी सेवाओं में लगी गाड़ियों को छोड़कर अन्य चारपहिया गाड़ियों पर रोक लगाई जा सकती है.रेलवे, मेट्रो सर्विस, और नेशनल सिक्योरिटी जैसे मामलों से जुड़े कंस्ट्रक्शन वर्क्स को छोड़कर अन्य कंस्ट्रक्शन वर्क्स को रोका जा सकता है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों को बंद करने और ऑड-ईवेन समेत वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों को लागू किया जा सकता है.