गणतंत्र दिवस में गरजेंगी देसी तोप : विदेशी हटेंगी

राजधानी दिल्ली में इन दिनों गणतंत्र दिवस की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. इसी के साथ इस बार गणतंत्र दिवस परेड में ब्रिटिश जमाने की 25-पाउंडर गन की बजाय स्वदेशी फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. ब्रिटिश जमाने की 25-पाउंडर गन को हटा दिया जाएगा. ऐसा प्रधानमंत्री द्वारा दी गयी मेक इन इंडिया मुहिम को को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. यानी इस बार की परेड में 21 तोपों की सलामी, देसी तोपों से दी जाएंगी और विदेशी तोपों को हटाया जाएगा. देसी तोपें गरजेंगी. पारंपरिक तौर पर गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी जिस तोप से दी जाती थी. अब वो नहीं होगी. पहले गणतंत्र दिवस से पिछले साल तक 21 तोपों की सलामी ब्रिटिश जमाने की 25-पाउंडर आर्टिलरी से होती थी. इस बार से यह भारत में निर्मित 105 मिमी के इंडियन फील्ड गन से होगी. 25-पाउंडर आर्टिलरी असल में एक ब्रिटिश फील्ड गन और हॉवित्जर रही है. जिसका इस्तेमाल 1940 से होता आ रहा है. इस तोप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किया गया था. इसके बाद से लगातार इसका इस्तेमाल इराकी सिविल युद्ध तक किया गया. इस तोप का वजन 1633 किलोग्राम व लंबाई 15.1 फीट होती है. नली की लंबाई 8.1 फीट होती होती है. ऊंचाई 3.10 फीट और चौड़ाई 7 फीट. इसे चलाने के लिए कम से कम 6 लोगो की जरूरत पडती थी.  चीफ ऑफ स्टाफ दिल्ली एरिया मेजर जनरल भवनीश कुमार ने बताया कि हम स्वदेशीकरण की ओर अग्रसर हो रहे है. वो समय  ज्यादा दूर नहीं है जब हमारे सारे उपकरण और यंत्र स्वदेशी होंगे. 74वें रिपब्लिक डे परेड पर ज्यादातर रक्षा उपकरण स्वदेशी प्रदर्शित किए जा रहे हैं. जिसमें आकाश वेपन सिस्टम, रुद्र और एएलएच ध्रुव जैसे हेलिकॉप्टर होंगे. पाउंडर गन को हटाने के लिए आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट (ARDE) ने 1972 में इंडियन फील्ड गन को बनाया.