नींद के साथ खिलवाड़ क्यों ?

                                                                                                                                                                        

नींद कुदरत की सबसे खूबसूरत देन है। जिसका नामो निशान हम अपनी जिंदगी से मिटाते जा रहे हैं। देर रात तक स्मार्ट फोन का इस्तेमाल आप की नींद को आप से दूर करता जा रहा है। आप के देर तक जागने की आदत आप को अंदर ही अंदर बीमार बनाती जा रही है। रात को देर से सोना और सुबह जल्दी उठ जाना कोई टैलेंट को नहीं बल्कि बीमारियों को दिखाता है। आप जान कर हैरान रह जाएंगे कि , पूरी दुनिया धीरे-धीरे अपनी नींद को खोती जा रही है और अपनी भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अपने पूरे जीवन को महाविनाश की ओर ढकेलती जा रही हैं| यह बहुत ही गंभीर विषय है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि , हमें अब हर साल '15 मार्च ' को ' विश्व नींद दिवस' मनाने की आवश्यकता पड़ रही है। यह कोई मामूली विषय नहीं हैं ,बल्कि आप की जिंदगी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। जैसे जैसे दुनिया अपनी नींद खोती जा रही है, वैसे वैसे ही वो अपने आप को गर्त में ढ़केल रही हैं । नींद पूरी न होने की वजह से न तो आप अपने काम पर ही फोकस कर पाते हैं और न ही अपनी लाइफ पर, क्या आप जानते हैं कि, स्पेन के लोग सबसे देर से सोने जाते हैं , जबकि ऑस्ट्रेलिया के लोग सबसे जल्दी सोते हैं , और वहीं नीदरलैंड के लोग सबसे लेट तक सोते है, जबकि जापान और सिंगापुर के लोग सबसे कम नींद लेते हैं , और वहीं अमेरिका के लोग पूरी दुनिया के मुकाबले सबसे जल्दी उठते हैं। वहीं एक सर्वे के मुताबिक भारत के 93% लोग कम नींद की समस्या से गुजर रहे हैं| जिसके चलते उन्हें बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कम नींद के चलते न तो वो ऊर्जा युक्त होते हैं, और न ही उनका फोकस बनता है अपने काम पर, साथ ही वो धीरे - धीरे डिप्रेशन और सरदर्द का शिकार होते जा रहे हैं सिर्फ इतना ही नहीं लोगों के बीच एक दूसरे से आगे निकले के कॉम्पटीशन के चलते नींद का बड़ा संकट पैदा हो गया है। यहाँ ये समझना जरूरी हैं कि , अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करके आगे निकलना न मुमकिन हैं और हमें इसके लिए सचेत होने की आवश्यकता है।