पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली को बताया ‘गैस चैंबर’, सीएम केजरीवाल का पीएम पर हमला, बोले- क्या इसके लिए AAP कसूरवार?

दिल्ली के प्रदूषण को लेकर सियासत अपने चरम पर है. प्रदूषण कम कैसे हो इसपर बात करने की बजाय नेता प्रदूषण की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं. राजधानी में वायु प्रदूषण के चौंकाने वाले स्तर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को घेरने की कोशिश की है, जिस पर अब केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने उन्हें फटकार लगाई है. उन्होंने इसे लेकर कुछ आंकड़े भी शेयर किए और आप सरकार को आईना दिखाने की कोशिश की है.

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) ने राजधानी को “गैस चैंबर” बताया. उन्होंने कहा कि दिल्ली को गैस चैंबर किसने बना दिया है, इस पर कोई शक नहीं है. पंजाब में 2021 में खेत की आग मामले में 19 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है. वहीं, हरियाणा में 30.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. आज ही, पंजाब में 3,634 जगह आग लगीं हैं.

किसानों को किया पराली जलाने के लिए मजबूर’

इतना ही नहीं उन्होंने आप पर घोटाला करने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में केंद्र सरकार ने पंजाब को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों (Crop Residue Management Machines) के लिए 1,347 करोड़ रुपये दिए. राज्य ने 1,20,000 मशीनें खरीदीं, जिसमें से 11,275 मशीनें गायब हो गई हैं. पंजाब सरकार के पास पिछले साल के और इस साल जो केंद्र से 280 करोड़ रुपये मिले थे, दोनों मिलकार 492 करोड़ रुपये थे. इसके बाद भी पैसों का इस्तेमाल नहीं किया गया और किसानों को पराली जलाने के लिए मजबूर किया गया.

भूपेंद्र यादव ने आगे कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री अपने ही क्षेत्र संगरूर में किसानों को राहत देने में भी नाकाम रहे हैं. पिछले साल 15 सितंबर से लेकर 2 नवंबर तक संगरूर के खेतों में 1,266 आग लगने के मामले सामने आए थे.  इस साल यह मामले बढ़कर  3,025 हो गए हैं.

केजरीवाल ने केंद्र पर फोड़ा था प्रदूषण का ठीकरा

दरअसल, केजरीवाल ने केंद्र को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था प्रदूषण पूरे उत्तर भारत की समस्या है. यूपी, हरियाणा, राजस्थान हो या मध्य प्रदेश हर जगह एक्यूआई लगभग बराबर है. उन्होंने सवाल किया था कि क्या दिल्ली और पंजाब ने पूरे देश में प्रदूषण फैलाया है? इसे लेकर पीएम मोदी बैठक क्यों नहीं कर रहे हैं. किसानों ने आंदोलन किया तो केंद्र उनकी मदद नहीं कर रही, पराली पर हमारा प्रस्ताव खारिज किया गया.

दिल्ली में कितना बढ़ा है प्रदूषण ?

दिल्ली का प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है. दिल्ली और एनसीआर (Delhi-NCR) के इलाके विश्व के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं. प्रदूषण बढ़ने का सबसे बड़ा कारण पराली जलाना है. दिल्ली में कल एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार रहा. यानी इस हवा में सांस लेने वालों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. ऐसे में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली के उपराज्यपाल को चिट्ठी भी लिखी है.

प्रदूषण को लेकर तेज हुई राजनीति

आदेश गुप्ता ने कहा कि पंजाब से जल रही पराली की वजह से दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो रही है. जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है. ऐसे में आपसे निवेदन है कि बच्चों को फिलहाल स्कूल से छुट्टी दे दी जाए और उन्हें घर से ही ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से पढ़ाया जाए. वहीं, दिल्ली सरकार से पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की माने तो दिल्ली का प्रदूषण स्तर अभी स्कूल बंद करने के स्तर पर नहीं पहुंचा है.