पीएम मोदी को मिलेगा रूस का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान,भारत में मिसाइल सिस्टम बनाने पर विचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार को रूस में भव्‍य स्‍वागत हुआ। खुद रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगवानी की। इसके बाद रूस के राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शिप पर सवार हुए और ज्वेज्दा पोत निर्माण परिसर की ओर रवाना हुए। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच थोड़ी देर बातचीत भी हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने ज्वेज्दा पोत निर्माण परिसर का दौरा किया और उसके प्रबंधकों एवं अन्य कर्मचारियों से बातचीत की। यह रूस का सबसे बड़ा पोत निर्माण परिसर है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ रूसी राष्‍ट्रपति भी मौजूद थे।

ज्वेज्दा यार्ड जाने से पहले दोनों नेता एक दूसरे के गले मिले और गर्मजोशी से हाथ मिलाया। समाचार एजेंसी एएनआइ की ओर से जारी वीडियो में दोनों नेताओं मिलने का अंदाज बिल्‍कुल निराला था। ऐसा लग रहा था कि दोनों नेताओं की दोस्‍ती पाकिस्‍तानी हुक्‍मरानों को यह संदेश दे रही है कि वे भारत से उलझने की कोशिश नहीं करें। इससे पहले ऐसा नजारा तब दिखाई दिया था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने आए नेताओं से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से गरमागर्म मुलाकात सुर्खियां बनी थी।

संवाद समिति तास ने पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से बताया कि भविष्य में इस यार्ड पर निर्मित पोतों का इस्‍तेमाल भारत समेत अन्‍य मुल्‍कों में रूसी तेल और द्रवित प्राकृतिक गैस पहुंचाने में किया जाएगा। रोसनेफ्ट, रोसनेफ्टगाज और गजप्रॉमबैंक का संघ फार ईस्टर्न शिपबिल्डिंग एंड शिप रिपेयर सेंटर में ज्वेज्दा पोत यार्ड का निर्माण कर रहा है। इससे पहले रूस की तीसरी यात्रा पर व्लादिवोस्तोक हवाईअड्डा पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का भव्‍य स्वागत किया गया। दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे मोदी ने रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍ल‍ादिमीर पुतिन के साथ 20वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता की। वह पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में भी शिरकत करेंगे।