भारत की सीमा के पास फिर सेना की चौकियां बना रहा चीन

ये पहली बार नहीं है की जब चीन और उसकी सेना को लेकर ऐसी खबरें सामने आई हों. इससे पहले भी कई बार ऐसी खबरें सामने आती रहीं हैं कि चीन लगातार सीमा पर अपना निर्माण कर रहा है.
चीन लगातार अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ सीमा विवाद में उलझता आ रहा है. भारत के साथ भी पिछले लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है, कई बार हालात काफी बिगड़ते भी देखे गए है . चीन लगातार एलएसी पर अलग-अलग तरह के निर्माण कर रहा है, जिसकी खबरें और तस्वीरें आए दिन सामने आती हैं. इसी बीच अब अमेरिका के एक सांसद ने इसे लेकर बयान दिया है की . जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन ने चौकियों का निर्माण कर रहा है, जो पड़ोसियों के प्रति चीनी आक्रामकता का चिंताजनक संकेत है.

चीन की आक्रामकता को लेकर चिंता क्यों

अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने अपना ये बयान दिया जिनमें ये बताया गया कि चीन लगातार भारत से लगी सीमा पर अपनी चौकियां बना रहा है. चीन ने भारत के साथ अपनी विवादित सीमा के पास एक सैन्य चौकी बनाई है. जिसके बाद यूएस सांसद ने चीन की आक्रामकता को लेकर चिंता जताई है . सांसद कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की एक नई चौकी संबंधी खबर बीजिंग की बढ़ती क्षेत्रीय आक्रामकता का एक और चिंताजनक संकेत है, जो अमेरिका का भारत और अन्य सुरक्षा साझेदारों के साथ संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता को दोहराता है.’’
चीन लगातार कर रहा निर्माण
बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब चीन और उसकी सेना को लेकर ऐसी खबरें सामने आई हों. इससे पहले भी कई बार ऐसी खबरें सामने आती रहीं हैं कि चीन लगातार सीमा पर अपना निर्माण कर रहा है. चीन के कई गांवों के निर्माण की बात भी हाल ही में सामने आई है . कहा जा रहा है कि भारत को चुनौती देने के लिए चीन लगातार अपनी रणनीति बना रहा है और सीमा पर अपनी सेना को मजबूत कर रहा है.
समुद्री सीमा में भी घुसपैठ की कोशिश की है
चीन एलएसी के अलावा समुद्री सीमा में भी लगातार घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है. भारतीय नौसेना ने कहा कि वह हिंद महासागर क्षेत्र पर निगरानी रखती है जहां चीनी घुसपैठ के वाकये असामान्य नहीं हैं. नेवी कहा कि वह इस रणनीतिक क्षेत्र में देश के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. दक्षिणी नौसैन्य कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल एमए हंपीहोली ने कहा था कि भारतीय नौसेना उपग्रहों तथा समुद्री टोही विमानों की मदद से क्षेत्र में नजर रखती है. उनका बयान इन खबरों के बीच आया कि चीन का एक जासूसी जलपोत पिछले कुछ महीने में दूसरी बार हिंद महासागर क्षेत्र में घुसा हुआ है.