मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 11 लाख किसानों के खाते में 452 करोड़ की पहली किश्त भेजी

कृषि और किसान ये वो दो शब्द हैं जिन्होंने न केवल भारत के अस्तित्व को बचाया बल्कि भारत को पहचान दी ।जब हम सुबह उठ कर चाय की चुस्कियां लेते है आलू के गरम गरम परांठे खाते हैं। तो क्या कभी ये सोचते है की इन पराठो को बनाने के लिए एक एक गेंहू के दानों को कितनी कठनाई से उगाया गया है। उस चाय की पत्ती को उगाने के लिए कितनी मेहनत लगी है और उसे उगाने वाले किसान ने कितना पसीना बहाया होगा तब जा कर ये अनाज हम तक पहुँचा हैं लेकिन इन सब के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भारत का पालन पोषण करने वालों का ख्याल रखते हुए उन्होंने झारखंड के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि किसानों ने 4 साल में अपना वर्चस्व बनाया है। दरअसल टाटा कॉलेज के मैदान में किसान सम्मान समारोह हुआ था। जिसमें उन्होंने 11 लाख किसानों के खाते में 452 करोड़ रुपये की पहली किस्त भेजी। 2013-14 में कृषि फसल विकास दर 4.5% थी। यह 4 सालों में 14.2 हो गयी। उन्होंने कहा कि जब तक देश के किसानों की हालत में सुधार नहीं आएगा तब तक देश की उन्नति संभव नहीं है । अपने अन्नदाताओं का मान सम्मान दोनों हमारी जिम्मेदारी हैं रघुवर दास जी ने कहा कि 35 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ओर मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत कम से कम 11 हजार और ज्यादा से ज्यादा 31 हजार रुपये मिल रहे हैं और अब बीज और खाद को लेकर साहूकार किसानों का फायदा नहीं उठा सकते। और अब किसानों को उनका हक आराम से मिल रहा है। अब भ्रष्टाचार के तले किसानों की मेहनत दबना आसान नहीं होगा। हमें हमारे अन्नदाताओं के लिए हर संभव प्रयास करना होगा किसान बढेंगे तभी देश बढ़ेगा।