मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स, ऐसे होंगे तनावमुक्त

आज ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे’ है. मानसिक समस्याओं के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे  मनाया जाता है. आपको बता दें कि वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे की शुरुआत साल 1992 से हुई है. इसे यूनाइटेड नेशन्स के उप महासचिव रिचर्ड हंटर और वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ की पहल पर शुरू किया गया था. इस फेडरेशन में 150 से अधिक देश शामिल थें.

मेंटल हेल्थ का अर्थ है हमारा इमोशनल, साइकोलॉजिकल और सोशल हेल्थ. हम क्या सोचते हैं, क्या महसूस करते हैं और कैसे बिहेव करते हैं यह सब मेंटल हेल्थ के अंदर ही आता है. अगर हम मेंटली फिट नहीं हैं, तो यह हमारे काम से लेकर हमारे रिश्तों पर असर डालेगा. मगर अफसोस, हम मेन्टल हेल्थ पर ध्यान देना ज़रूरी नहीं समझते.

ये छोटी-छोटी आदतें, जो आपकी मेंटल हेल्थ को बनाएंगी बेहतर –

अपने दोस्तों के साथ समय बिताइए, और इसके लिए अपने फ़ोन पर निर्भर रहना ठीक नहीं. हालांकि लॉकडाउन में यह एक मजबूरी हो सकती है. पर शेष समय में टेक्स्ट मैसेज या कॉल से बेहतर है मिलना और साथ मे वक्त बिताना. दोस्तों के साथ समय बिताने से आपके मेंटल हेल्थ पर एक पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है.

वही ,पर्याप्त नींद लेना न सिर्फ हमारे शरीर की सेहत के लिए बल्कि मेंटल हेल्थ के लिए भी जरूरी है. आपकी नींद की क्वालिटी भी मायने रखती है. बार-बार नींद में खलल पड़ना मेंटल हेल्थ को बिगाड़ने में मदद कर सकता है.

क्या आप किसी और के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे जैसा आप खुद के साथ कर रहे हैं? अपने आपको दुखी या नाराज़ होने के लिए दोषी मत मानें, खुद से प्यार से पेश आएं. हर दिन कम से कम 15-20 मिनट के लिए अपने पसन्द का कोई काम करें. सेल्फ केअर का मतलब छुट्टी पर जाना या दोस्तों के साथ समय बिताना ही नहीं होता. अपने लिए समय निकालना भी सेल्फ केअर का हिस्सा है.

एक्सरसाइज आपको स्ट्रेस दूर करने, मूड बेहतर बनाने, जल्दी सो जाने और ज्यादा वक्त तक सोने में मदद करती है. साथ ही ये डिप्रेशन और एंग्ज़ायटी को कंट्रोल करती है. इसका मतलब सिर्फ जिम जाना ही नहीं है। इसके बजाय, बॉडी मूवमेंट और स्ट्रेचिंग को तरजीह दें और ऐसी फिजिकल एक्टिविटी चुनें, जो आपके शरीर और सेहत के लिए बेहतर हो.