यूपी के लखनऊ में ढही बहुमंजिला ईमारत : तीन सदस्यी जांच समिति करेगी जांच

यूपी की राजधानी में बीते दिन यानी 24 जनवरी, मंगलवार के दिन एक बहुमंजिला ईमारत ढह गयी. मामला लखनऊ के हजरतगंज इलाके का है. ईमारत अचानक एक ओर झुकी और पलक झपकते ही जमीन पर गिर गयी. अपार्टमेंट में हर शाम की तरह लोग अपने अपने फ्लैट में थे. तभी उन्हें महसूस हुआ की इमारत एक और झुक रही है. एक पल को लगा की शायद भूकंप आया है. मगर अगले ही पल ईमारत जमीन पर गिर पड़ी. हादसे के तुरंत बाद आस पास अफरा-तफरी मच गयी. बिल्डिंग गिरने की आवाज इतनी तेज हुई की सैंकड़ो लोग वह जमा हो गये. जिनके परिवार वाले भीतर फंसे थे वह इधर उधर चीखते घूमते रहे और मदद की गुहार लगाते रहे। खौफनाक मंजर को देखकर हर किसी की रूह कांप गई। अपार्टमेंट में रहने वाले व आसपास के लोगो द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक अपार्टमेंट की पार्किंग में लंबे समय से ड्रिलिंग का काम चल रहा था. न ही किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल किया जा रहा था न किसी को इसके बारे में सूचित किया गया था. अपार्टमेंट में रहने वाले जिन घायलों को बाहर निकाला गया उनमें से कुछ ने बताया कि शाम के करीब साढ़े छह बजे होंगे। तभी अचानक से जमीन खिसकती हुई मसूस हुई। पल के लिए लगा कि कहीं भूकंप तो नहीं। तभी पूरी बिल्डिंग भरभराकर ढह गई। अपार्टमेंट के ऊपरी मंजिल के कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए वह तुंरत बाहर आ गए। जो लोग इस हादसे का शिकार हुए और घायल हो गये उन्होंने बताया की उन्हें एक पल के लिए यकीन ही नही हुआ की वे जिंदा बच भी जाएँगे या नही. घायल लोगो के दिल और दिमाग पर इस घटना का गहरा प्रभाव हो गया है.

यूपी सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित की गई है. लखनऊ की मंडलायुक्त रोशन जैकब की अगुवाई वाली इस समिति में लखनऊ के संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया तथा लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं. यह समिति इस घटना की पूरी जाँच करेगी और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगो का पता कर सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देगी.