साल के 2020 में मार्च से अब तक ये कभी कोरोना के इतने कम केस नहीं आए है…

covid 19 update in india less than hundred corona cases after march 2020 in india India Covid Cases: साल 2020 के मार्च से अब तक कभी कोरोना के इतने कम केस नहीं आए, देश को नहीं खतरा, आंकड़ों से होगा यकीन

कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर से बढ़ती हुई ये चिंता के बीच अब राहत मिलती नजर आ रही है. और राजधानी दिल्ली को भी अब कोरोना से कोई खतरा नही दिख रहा है.

बात दे की, भारत को कोरोना से बड़ी राहत मिली है. लगभग तीन साल में पहली बार कोरोना के 100 से कम मामले समने गए है. और मार्च 2020 में मामले बढ़ने शुरू हुआ थे. और फिर इसके बाद से अब मामलों का ग्राफ नीचे की तरफ भी आता दिख रहा है. इतना ही नहीं जबकि, देश में लगातार चार दिनों से मौत का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

भारत ने सोमवार (16 जनवरी) को महज 83 ताजा कबरों के मामले सामने आए है. और इससे पहले 15 जनवरी को कोरोना के 114 मामले भी सामने आए है. और भारत ने पहली बार ही 27 मार्च, 2020 को एक दिन में 100 से ज्यादा मामले दर्ज किए गये थे और इसके बाद से एक भी दिन से 100 के कम मामले सामने नहीं आए हुआ थे.

सबसे कम वीकली कोरोना केस में दर्ज…

चीन में कोरोना का खतरनाक लहर के बावजूद भारत में मामले आए हुए, लगातार गिर रहे हैं. और यह राहत तब भी मिली है,और  जब से भारत में भी इस समय कोरोना के बढ़ने की चेतावनी जारी की गई हुई थी. वो 9-15 जनवरी तक पूरे एक हफ्ते में केवल 1,062 मामले सामने गए हैं. जो 23-29 मार्च, 2020 के बाद भी सबसे कम वीकली केस हैं.

कोरोना से होने वाली मौतों से भी हुई राहत… 

यहां तक कि, वायरस से मौतें भी मार्च 2020 के बाद से सबसे कम हो गई हैं. बीते हुए सप्ताह में सिर्फ ही चार मौतें दर्ज की गईं है. और वहीं, बीते सोमवार तक लगातार चार दिनों में देश में कोरोना से एक भी मौत दर्ज नहीं की गई है. यह 25 मार्च, 2020 के बाद ही  सबसे लंबी अवधि है, और जब एक भी मौत के मामला नही देखा गया है.

राजधानी दिल्ली में एक भी मामला सामने नहीं आए है.  

राजधानी के दिल्ली में सोमवार को कोरोना का एक भी मामला रिपोर्ट में नहीं दर्ज किया गया है. जबकि पिछले ही हफ्ते भी महज 32 लोग कोरोना के पॉजिटिव पाए गए थे. और जबकि, दक्षिण भारत के सहित महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा ही मामले दर्ज हुए हैं. और देश में पिछले ही हफ्ते 1,062 नए केस सामने आए थे. और इसमें से 831 केवल ही महाराष्ट्र और दक्षिण से रिपोर्ट दर्ज की गई है.