हिमंता बिस्वा शर्मा से लेकर शुभेंदु अधिकारी और कपिल मिश्रा तक… अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में ,विपक्षी दलों से BJP में आए ये नेता

बीजेपी के नेता हिमंत बिस्वा शर्मा ने बीते दिनों राहुल गांधी के दाढ़ी वाले लुक की तुलना सद्दाम हुसैन तक से कर दी हैं. हिमंत बिस्वा शर्मा ने ये कहा था कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का चेहरा ‘सद्दाम हुसैन जैसा’ दिखाई नहीं देना चाहिए.

BJP Firebrand Leaders: राजनीति अनिश्चितता का खेल है. और कब-क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. की कौन कब और किस वक़्त अपना पाला बदलेगा, और इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है. और जनता के मिजाज और चुनावी हवा को देखते हुए बड़ी-बड़ी पार्टियों के नेताओं ने अपनों का साथ छोड़ दूसरों का दामन थामा है. और आप जानते हैं ऐसे नेताओं की लिस्ट तो बहुत लंबी है पर लेकिन अब हम उन बयानवीर नेताओं की बात कर रहे हैं, जो कांग्रेस या दूसरी पार्टियों को छोड़कर बीजेपी में जा चुके हैं और अब वे सब फायरब्रांड नेता बन चुके हैं.

हिमंता बिस्वा शर्मा

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है कांग्रेस को छोड़ने वाले नेता हिमंता बिस्वा शर्मा का. हिमंता बिस्वा शर्मा ने 2015 में कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया था. और सूत्रों की मानें तो वह शारदा चिट फंड मामले में वे पार्टी के रुख से नाराज थे. और वहीं, 2016 के असम विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी और अब आज राज्य के मुख्यमंत्री हैं. और अब वह कांग्रेस की आलोचना करने में सबसे आगे रहते हैं. और फिर दो राज्यों में विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर कई बार तल्ख टिप्पणियां भी की हैं. जहाँ हिमंता बिस्वा शर्मा ने बीते दिनों राहुल गांधी के दाढ़ी वाले लुक को लेकर उनकी तुलना सद्दाम हुसैन तक से कर दी हैं. और अब हिमंता बिस्वा शर्मा ने ये कहा था कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का चेहरा ‘सद्दाम हुसैन जैसा’ दिखाई नहीं देना चाहिए.

शुभेंदु अधिकारी

टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले शुभेंदु अधिकारी का नाम भी इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आता है. और अब वह भी बीजेपी के बयानवीर नेताओं की लिस्ट में आते हैं और अब आज के समय में बंगाल में एक फायरब्रांड नेता के तौर पर जाने जाते हैं. जो एक समय में ममता बनर्जी के काफी नजदीकी रहे, और अब शुभेंदु अधिकारी ही उनके खिलाफ बोलने से बिल्कुल भी नहीं हिचकिचाते हैं. जो की अभी दो दिन पहले ही उन्होंने सीएम के साथ मुलाकात की थी और फिर उसके ठीक बाद अधिकारी ने ममता पर निशाना भी साधा था. फिर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, की “एक दिन पहले इंडोर स्टेडियम में ममता बनर्जी ने कहा था कि वह मेरा नाम भी नहीं लेना चाहती थीं और फिर मैंने केंद्र को पश्चिम बंगाल के लिए धन रोकने के लिए लिखा था. और अब मैंने उन्हें अपने शब्दों को वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया हैं. और अब वह कहती हैं कि मैं एक स्नेही भाई की तरह था.” उन्होंने सीएए पर भी ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है और उनको खुली चुनौती दे दी है. अब शुभेंदु अधिकारी ने ये भी कहा हैं कि अब हम ममता बनर्जी कानून को लागू करने से रोककर दिखाएं.

कपिल मिश्रा

कभी आम आदमी पार्टी में रहे कपिल मिश्रा भी आज दिल्ली में बीजेपी के फायरब्रांड नेताओं में से एक हैं. और अपने बयानों के लिए वह कई बार विवादों में भी रह चुके हैं. जब की कपिल मिश्रा ‘आम आदमी पार्टी’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर आए दिन ही निशाना साधते हैं. और अब राजेंद्र पाल गौतम का बयान हो या फिर सत्येंद्र जैन का तिहाड़ जेल वाला वीडियो, कपिल मिश्रा ने किसी भी मौके पर केजरीवाल को नहीं बख्शा हैं. और अब उन्होंने केजरीवाल को “भारतीय राजनीति का सबसे झूठा नेता” भी करार कर दिया था.