आखिर 14 सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है “हिंदी दिवस”

भारत विविधताओं वाला देश है जहां सभी लोग अलग-अलग भाषाएं, अलग-अलग रीति-रिवाजों का पालन करते हैं लेकिन देश के 77 फीसदी लोग हिंदी बोलते, समझते और लिखते हैं। हर वर्ष 14 सितंबर को देश में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन हिंदी भाषा के महत्व को पहचानने और युवा पीढ़ी को इसके अधिक उपयोग करने के लिए  प्रोत्साहित करता है। हिंदी भारत की ऑफिशियल लैंग्वेज (Official Language) है. इसके अलावा हिंदी भाषा फिजी, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, मॉरीशस जैसे अन्य देशों में भी काफी लोकप्रिय है. इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।  लेकिन क्या आप जानते है की १४ सितम्बर को ही क्यों मनाया जाता है “हिंदी दिवस”।

आखिर क्यों १४ सितम्बर को ही मनाया जाता है हिंदी दिवस

राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि, इस दिन व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्मदिन होता है, जिन्होंने हिन्दी को भारत की राजभाषा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसी के परिणामस्वरूप उनके 50वें जन्मदिन पर यानी 14 सितम्बर 1949 को, हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। भारत की स्वतंत्रता के बाद संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत की आधिकारिक भाषा यानी के रूप में स्वीकार किया था. हिंदी भारतीय गणराज्य की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है. इसके बाद से ही पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 14 सितंबर 1953 को हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।

Hindi Diwas 2022: कैसे मनाया जाता है?

इस दिन को चिह्नित करने के लिए, 14 सितंबर से 21 सितंबर तक पूरे सप्ताह को राजभाषा सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान, भाषा को बढ़ावा देने के लिए निबंध लेखन, वाद-विवाद, कविता पाठ जैसी कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। यह इवेंट्स कई स्कूलों और कॉलेजों में हर साल आयोजित किया जाता है। हिन्दी दिवस के दिन ही भाषा सम्मान पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। इस अवॉर्ड से उन लोगों को नवाज़ा जाता है, जिन्होंने अपने लेखन और अन्य माध्यमों से भाषा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।