15 साल पुरानी गाड़ियां हुईं ‘बेकार’

जहां एक ओर दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण की जोरो शोर से चर्चा हो रही है ऐसे में दिल्ली के प्रदूषण से निजात पाने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने राजधानी में 15 साल पुराने करीब दो लाख वाहनों को ‘बेकार’ की श्रेणी में डाल दिया है। विभाग ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ 7 अक्टूबर से बड़ा अभियान शुरू करते हुए इन वाहनों को डी-रजिस्टर कर दिया है। साथ ही, ऐसे वाहनों को सार्वजनिक स्थान पर पार्क करने की अनुमति भी नहीं है। अगर ये वाहन सड़क पर दिखे तो इन्हें जब्त कर लिया जाएगा। वहीं, वाहन मालिक को वापस करने के बजाए इन्हें स्क्रैप (कबाड़ में कटने) के लिए भेजा जाएगा। परिवहन अधिकारियों के मुताबिक 15 साल पुराना वाहन, वह निजी हो या व्यावसायिक, सड़क पर कहीं भी है तो उसे स्क्रैप के लिए भेज दिया जाएगा। परिवहन विभाग ने नगर निगम अधिकारियों को भी इसमें तैनात किया गया है, जो गलियों, मोहल्लों और पार्क में खड़ी 15 साल पुराने गाड़ी को ज़ब्त करेगी। परिवहन विभाग ने ट्रैफिक पुलिस से भी ऐसे पुराने वाहनों को जब्त करने की अपील की है। परिवहन विभाग ने सड़कों पर ऐसे वाहनों का भी चालान काटा, जिनके पास प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) तो था मगर उनके वाहन अधिक धुआं देते दिखाई दिए। अधिकारियों के मुताबिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है जो दीवाली तक चलेगी। तो इससे पहले कि  परिवहन विभाग आपके 15 साल पुराने वाहन जब्त करे, आप अपने वाहन को खुद किसी निजी स्क्रैपर के पास ले जाकर स्क्रैप करा सकते हैं। स्क्रैप के बाद आपकी गाडी की RC,  गाडी का चेसिस नंबर प्लेट और स्क्रैप के बाद स्क्रैपर की ओर से दिया जाने वाला CERTIFICATE लेकर MLO ऑफिस में जाकर INFORM करें। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से आपके वाहन को दिया गया REGISTRATION NUMBER DELETE कर दिया जाता है। इसके बाद अगर सड़क पर उसी नंबर का वाहन चलता है तो वह अवैध माना जाएगा.