31 May 2021: Today’s Top Most 10 Environmental News।Weather news in India।Latest News Update

1.एक्ट्रेस जूही चावला ने दिल्ली HC में 5जी तकनीक के खिलाफ दी याच‍िका, बताए ये 2 बड़े नुकसान

बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला ने देश में 5G टेक्नॉलजी के लागू किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है.जूही चावला पिछले कई सालों से देश में 5G तकनीक को लागू किए जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं. इतना ही वहीं, वह मोबाइल टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के प्रति लोगों को जागरूक भी करती रही हैं. अब इसी को लेकर जूही चावला ने इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.जूही चावला की मानें तो उन्होंने जनहित और पर्यावरण के हितों को देखते हुए याचिका दायर की है.

2.तूफान का कहर: चंडीगढ़ में तूफान से 200 तोतों ने जान गंवाई, 65 कबूतरों ने भी दम तोड़ा

चंडीगढ़ में शनिवार रात 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आए तूफान ने परिंदों पर भी कहर बरपाया. इस तूफान में 200 तोतों और 65 कबूतरों की मौत हो गई. चंडीगढ़ में पहली बार हुई इस तरह की घटना से हर कोई हैरान है. विरविवार सुबह सैर करने निकले लोगों की आंखों के सामने तूफान से तबाही के मंजर थे.सेक्टर 37 डी स्थित एक पेड़ के नीचे बहुत से पक्षियों को पड़े देख चौंक गए। इनमें से ज्यादातर पक्षी दम तोड़ चुके थे.विशेषज्ञों का कहना है कि मासूम परिंदे तेज गति से हवा चलने से सोते वक्त नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई. पर्यावरण विभाग की वाइल्ड लाइफ टीम ने शहर के अन्य इलाकों का दौरा भी किया लेकिन बाकी जगह ऐसा कुछ नहीं मिला

3.वॉटर‌ लॉगिंग से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम ने तैयार किया एक्शन प्लान, 20 जून से पहले पूरे होंगे ये सभी काम

 दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान राजधानी की सड़कें पानी से लबालब हो जाती है. लेकिन इस बार मानसून आने से पहले दिल्ली की तीनों नगर निगमों ने इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है. दिल्ली को वाटर लॉगिंग जैसी भीषण समस्या से किस तरह से बचाया जा सके, इसको लेकर MCDs की ओर से एक्शन प्लान तैयार किया गया है.निगम ने सभी विभागों को पत्र लिखकर अपनेअपने क्षेत्रों में आने वाले नालों से गाद निकालने का अनुरोध किया है ताकि मॉनसून के समय दिल्ली में जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो और पानी और मच्छर जनित बीमारियां पैदा न हो.इनकी सफाई का काम 20 जून तक पूरा करने की बात हो रही है.

4.नदियों में बहते शवों का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जानें जनहित याचिका में क्या की गई है मांग

नदियों में बहते शवों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है. इसमें त्रिस्तरीय कमेटी बना शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराने और गंगा के किनारों को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करते हुए उन्हें संरक्षित करने की मांग की गई है. शीर्ष अदालत में यह याचिका वकील विनीत जिंदल ने दाखिल की है.

इसमें केंद्र सरकार, नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा, उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिहार राज्य और बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पक्षकार बनाया गया है. मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि कोरोना संक्रमितों के शवों को नदी किनारे दफनाने से आसपास रहने वालों का पेयजल प्रदूषित हो रहा है

5.उत्तराखंड : लॉकडाउन से प्रदेश के कई जिलों के खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके प्रदूषण स्तर में हुआ सुधार

कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई जिलों में खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके प्रदूषण स्तर में सुधार हुआ है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मई में देहरादून के एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 127, ऋषिकेश में 89 हरिद्वार में 101 और हल्द्वानी में 79 दर्ज किया गया.वहीं, काशीपुर, रुद्रपुर में लॉकडाउन के दौरान व्यावसायिक गतिविधियां चालू रहने के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स में कोई सुधार नहीं हुआ है.उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण उत्तराखंड के विभिन्न जिलों का एयर क्वालिटी इंडेक्स इस साल की तुलना में और अधिक नीचे चला गया था.

6.समंदर में मिली दुर्लभ मछली, कीमत इतनी लगी कि मालामाल हो गया मछुआरा

पाकिस्तान के बलूचिस्तान ग्वादर में रहने वाले एक शख्स के 48 किलो की एक दुर्लभ मछली हाथ लगी. ये मछली रविवार को 72 लाख पाकिस्तानी रुपये (यानी भारतीय रुपये में करीब 33 लाख) में बिकी है. इस क्रोकर मछली को जिस नौका से पकड़ा गया उसके मालिक का नाम साजिद हाजी अबाबकर है. नौका के मालिक अबाबकर ने बताया कि नीलामी में एक बार इस मछली की कीमत 86.4 लाख रूपए तक पहुंच गई थी लेकिन हमारी परंपरा के मुताबिक डिस्काउंट दिया जाता है तो मछली के लिए 72 लाख रुपए पर डील तय हुई.

7.हिमाचल: तीन दिन अंधड़बारिश का येलो अलर्ट, पांच जून तक मौसम खराब रहने के आसार

हिमाचल प्रदेश में शनिवार को आधी रात के बाद तूफान ने लोगों की नींद उड़ा दी। कहीं पेड़ गिर गए तो कहीं बिजली गुल हो गई। प्रदेश भर में एक दर्जन से ज्यादा पेड़ गिरे हैं। कांगड़ा के जवाली मेंगोशाला पर पेड़ गिरने से एक बैल की मौत हो गई। जिला कांगड़ा में आम, सेब और लीची के बागवानों को चौबीस घंटों के भीतर 7.77 लाख की नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने राज्य में सोमवार से तीन दिन अंधड़ और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में 5 जून तक मौसम खराब रहेगा। पांच जून तक पूरे प्रदेश में बारिशबर्फबारी के आसार हैं.

8.राजस्थान मौसम अपडेट: श्रीगंगानगर में तूफान ने उड़ाए गरीबों के टीन टप्पर, ओलावृष्टि ने तोड़े किसानों के सपने

राजस्थान में रविवार को अचानक से मौसम बदल गया. श्रीगंगानगर में पिछले 5 दिनों से पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद रविवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. प्रदेश के श्रीगंगानगर में जिले में आंधीतूफान ने कई गरीबों के घर उजाड़ दिये. इस दौरान हुई ओलावृष्टि ने फसलों को बर्बाद कर दिया. इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ.तूफान के चलते बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए और गांवों में कई मकानों की कच्चीपक्की दीवार भी तूफान में धराशायी हो गई. तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण नरमा तथा कपास की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा ऐसा बताया जा रहा है.

9.कोरोना अपडेट:कोरोना के संक्रमण में गिरावट जारी, 50 दिनों में आए सबसे कम 1.52 लाख नए केस, 3128 की मौत

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1 लाख 52 हजार 734 नए कोरोना केस आए और 3128 संक्रमितों की जान चली गई है. वहीं 2 लाख 38 हजार लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं. यानी कि बीते दिन 88,416 एक्टिव केस कम हो गए. इससे पहले शनिवार को 165,553 लाख नए केस दर्ज किए गए थे.कुल कोरोना केसदो करोड़ 80 लाख 47 हजार 534,कुल डिस्चार्जदो करोड़ 56 लाख 92 हजार 342,कुल एक्टिव केस– 20 लाख 26 हजार,कुल मौत– 3 लाख 29 हजार 100

10.सही निस्तारण नहीं होने पर कोरोना का मेडिकल वेस्ट भी बिगाड़ सकता है आपकी सेहत

पंजाब में कोविड संक्रमण रोकने के लिए कोविड नियमों मसलन मास्क, सैनिटाइजेशन, दो गज की दूरी एवं बारबार हाथ धोने पर फोकस किया जा रहा है. हालांकि इसके बाद भी अगर कोविड वेस्ट का सही निस्तारण न हो तो ये नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय एवं पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का इस पर सीधा फोकस है और इसकी बाकायदा मानिटरिंग भी की जा रही है. रोजाना निकलने वाले कोविड मेडिकल वेस्ट की पूरी जानकारी आनलाइन माध्यम से मंत्रालय, केंद्रीय एवं पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी जा रही है.इसके साथ ही इसकी मानिटरिंग के लिए टीमें भी लगातार सक्रिय हैं.