रहस्य : 550 साल पुरानी ममी, जिसके बाल और नाखून आज भी बढ़ रहे हैं!

अगर आपसे कोई कहे कि 550 साल पुरानी ममी के बाल और नाखून आज भी बढ़ रहे हैं तो क्या आप यकीं कर पायेंगे! आपकों यकीन हो या ना हो लेकिन ये सच है और ये ममी भारत में ही मौजूद है. मृत देह को सैकड़ों सालों तक सुरक्षित रखने के लिए उस पर खास किस्म का लेप लगाकर ममी बनाया जाता है। लेकिन इस ममी पर किसी किस्म का लेप नहीं लगाया है। फिर भी इतने वर्षों से यह ममी कैसे सुरक्षित है? यह राज अभी भी बरकरार है.


हिमाचलप्रदेश के लाहौल स्पीति की ऐतिहासिक ताबो मोनेस्ट्री से करीब 50 किमी दूर गयू नाम का एक गाँव…. ये  गांव साल में 6-8 महीने बर्फ से ढके रहने की वजह से दुनिया से कटा रहता है। कहते हैं कि यहां मिली यह ममी तिब्बत से गियु गाँव में आकर तपस्या करने वाले लामा सांगला तेनजिंग की है.. लामा ने साधना में लीन होते हुए अपने प्राण त्याग दिए थे। तेनजिंग बैठी हुई अवस्था में थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 45 साल थी। दुनिया में यह एकमात्र ममी है जो बैठी हुई अवस्था में है.. स्थानीय लोगों के अनुसार, चौंकाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि इस ममी के बाल और नाखून आज भी बढ़ रहे हैं। इसीलिए लोग इसे जिंदा भगवान मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं।

1974 में यहां आए भूकम्प में यह ममी जमीन में दफ़न हो गयी थी.. इसके बाद 1995 में आईटीबीपी के जवानों को सड़क बनाते समय खुदाई में यह ममी फिर मिल गई। ऐसी कहानी प्रचलित है कि खुदाई के समय इस ममी के सिर पर कुदाल लगने से खून निकल आया था, जो कि सामान्य तौर पर संभव नहीं है। ममी पर इस ताजा निशान को आज भी देखा जा सकता है। 2009 तक यह ममी ITBP के कैम्पस में रखी हुई थी। देखने वालों की भीड़ देखकर बाद में इस ममी को गांव में स्थापित कर दिया गया। इस ममी की वैज्ञानिक जांच में इसकी उम्र करीब 550 वर्ष पाई गई है।

वैज्ञानिक इस ममी की जांच कर रहे हैं कि आखिरकार इस ममी के नाखून और बाल कैसे बढ़ रहे हैं?
हैरान करने वाली बात है कि अब तक दुनिया में जितनी भी ममी मिली हैं, वे लेटी हुई स्‍थिती में हैं, लेकिन ये बैठी हुई मुद्रा में है। इस ममी को देखने से लगता है कि जैसे कोई साधु या बौद्ध भिक्षु ध्‍यान की अवस्‍था में बैठा है।