एक ऐसा विचित्र पेड़, जिसकी जड़ें ऊपर और तना नीचे होता है!

कहा जाता है कि प्रकृति के रहस्यों के बारे में जान पाना मनुष्य के लिए बेहद मुश्किल है..प्रकृति भी इतनी विशाल, रहस्यमयी और विविधता से भरी है कि इसके बारे में जितना जाने…उतना ही कम लगता है..पूरी दुनिया में चमत्कारिक, रहस्यमी और अजीबो-गरीब तरह के पेड़, पौधे और लताएं हैं..आपने बहुत सारे पेड़-पौधों के बारे में सुना और देखा भी होगा लेकिन क्या आप किसी ऐसे पेड़ के बारे में जानते हैं..जिसे देखकर ही आपको किसी बोतल की याद आ जाए..यह वृक्ष न तो चमत्कारिक है और न ही रहस्यमयी..हां,ये पेड़ विचित्र जरूर है..इसकी विचित्रता की वजह से ही ये विश्व प्रसिद्ध हैं..

Image result for बाओबाब वृक्ष

दरअसल, इस पेड़ की बनावट कुछ ऐसी है कि इसे देखने पर ऐसा लगता है कि मानो पेड़ की जड़ें ऊपर और तना नीचे हो..इसके उल्टा दिखने की वजह से ही ये बोतल जैसे आकार में दिखता है इसलिए इस पेड़ को बोतल टी या बाओबाब वृक्ष कहा जाता है..ये पेड़ आस्ट्रेलिया और मेडागास्कर में पाया जाता है..ये पेड़ अनेकों नामों से जाना जाता है..इसे बोआब, बोतल वृक्ष, उल्टा पेड और बंदर रोटी पेड़ भी कहा जाता है..क्योंकि इसके फल बंदरों को बहुत अच्छे लगते हैं, इसलिए इनका नाम बंदर रोटी पेड़ पड़ गया..इसका हिन्दी नाम गोरक्षी है..वही,अरबी में इसे बु−हिबाब कहा जाता है जिसका अर्थ है−कई बीजों वाला पेड़..इस पेड़ की ऊँचाई 5 से 30 मीटर तक हो सकती है..इसके तने का व्यास 7 से 11 मीटर तक हो सकता है..इस चौड़े पेड़ को देखना बहुत ही अद्भुत होता है..इसे पहली बार देख कर कोई भी दंग रह जाता है..

Image result for बाओबाब वृक्ष

क्या है इस वृक्ष की पहचान और कैसे इसे पहचानते हैं?

1.बाओबाब वृक्ष की सबसे पहली पहचान है इसका उल्टा दिखना.

2.इस पेड़ पर साल के 6 माह पत्ते लगे रहते हैं और बाकी छह माह यह पेड़ एक ठूंठ यानी खत्म हो चुके पेड़ की भांति दिखाई देता है.इसके पत्तों में काफी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, अफ्रीका में इन पत्तों का प्रयोग सब्जी की तरह किया जाता है.साथ ही इन्हें उबालकर डिटर्जेंट पाउडर भी बनाया जा सकता है.

3.इसमें जल संग्रह की अद्भुत क्षमता होती है.इसके तने में हजारों लीटर शुद्ध पानी भरा रहता है जो वर्षा के अभाव वाले महीनों में पीने के काम आता है.विशेषज्ञों के अनुसार इसमें एक लाख 17 हजार 348 लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता होती है.इसके तने की भीतरी छाल फाईबर जैसी होती है जिससे कागज, कपड़े, रस्सी, मछली पकड़ने के जाल, धागे, बास्केट और कंबल जैसी कई वस्तुएं बनाई जाती हैं.

4.बाओबाब की छाल में 40 प्रतिशत तक नमी होती है और इसी वजह से यह जलाने के काम नहीं आती.

5.इस वृक्ष की गिनती दीर्घायु वाले वृक्षों में की जाती है. इनकी उम्र 500 साल से 6000 साल तक होती है.

6.इस पेड़ पर पहली बार फूल… पेड़ की आयु के 20वें वर्ष में अप्रैल से मई के बीच लगते हैं.फूलों का रंग सफेद व आकार लगभग 12 सेमी तक होता है.यह अल्पायु पुष्प रात्रि में ही खिलते हैं.भले ही इन फूलों की अवधि कम हो लेकिन यह बहुत उपयोगी होते हैं.इनके फूलों से कई तरह की दवाईयां बनाई जाती हैं.

7.इनके फल को सुखाने के बाद चूरा बनाया जाता है और इसे पानी में मिलाने से नींबू जैसा खट्टा स्वास्थ्यवर्धक पेय बनता है.एक फल में तकरीबन 30 बीज होते हैं और बीजों से भी कई तरह की दवाईयां, गोन्द, कच्चा तेल और साबुन बनाया जाता है.

बाओबाब का अफ्रीका के आर्थिक विकास में काफी योगदान होने की वजह से अफ्रीका ने इसे ‘द वर्ल्ड ट्री’ की उपाधि प्रदान की है. साथ ही साथ लगातार घटती इनकी संख्या के कारण इसे एक संरक्षित वृक्ष भी घोषित किया गया है.