पृथ्वी से टकरा सकता है एक विशाल एस्टेरॉयड, बुधवार रात खतरनाक !

पृथ्वी के लिए बुधवार रात बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. उस रात खतरनाक श्रेणी का एक बहुत विशाल एस्टेरॉयड पृथ्वी की कक्षा में चांद से भी कम दूरी पर आ धमकेगा ! ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते है कि एस्टेरॉयड पृथ्वी के कितने करीब से गुजरेगा.

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इस एस्टेरॉयड का आकार पेरिस के विश्व प्रसिद्ध एफिल टॉवर के आकार से भी बड़ा है. यह एस्टेरॉयड करीब तीन सौ मीटर लंबा है पर इसका व्यास काफी कम है. इस एस्टेरॉयड का नाम 2021 एनवाई-1 दिया गया है. इस एस्टेरॉयड को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पृथ्वी के लिए संभावित खतरे की श्रेणी में रखा है. यह पृथ्वी से मात्र 14 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा. जबकि चंद्रमा, पृथ्वी से 3 लाख 84 हजार 403 किलोमीटर की दूरी पर है.

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हैरानी की बात है कि पृथ्वी की कक्षा में दाखिल होते ही इस एस्टेरॉयड की रफ्तार 900 से 1000 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी. ऐसे में इसकी पृथ्वी से दूरी और भी कम हो जाएगी. नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के पब्लिक आउटरीच कार्यक्रम प्रभारी डॉ.वीरेंद्र यादव के मुताबिक, इस एस्टेरॉयड पर वैज्ञानिक लंबे समय से नजर बनाए हुए थे. 22 सितंबर की रात को ये पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा. ऐसे में खगोल वैज्ञानिक और अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग इसे देख पाएंगे. ये बेहद चमकदार नजर आने वाला है. नासा ने ऐसे 22 एस्टेरॉयड को पृथ्वी के लिए बेहद खतरनाक की श्रेणी में रखा है. दरअसल, वैज्ञानिकों को आशंका है कि ये पृथ्वी से टकरा सकते हैं. ये इस महिने पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाला दूसरा एस्टेरॉयड होगा.

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एस्टेरॉयड होते क्या है?

एस्टेरॉयड वो चट्टानें होती हैं, जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं लेकिन ये आकार में ग्रहों से काफी छोटी होती हैं. सौर मंडल में ज्यादातर एस्टेरॉइड्स मंगल ग्रह और बृहस्पति की कक्षा की एस्टेरॉयड बेल्ट में पाए जाते हैं. करीब 4.5 अरब साल पहले जब सोलर सिस्टम बना था, तब गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए और पीछे छूट गए, वहीं इन चट्टानों यानी ऐस्टरॉइड्स में तब्दील हो गए. किसी तेज रफ्तार एस्टेरॉयड या फिर किसी दूसरी वस्तु की पृथ्वी से 46.5 लाख मील से ज्यादा करीब आने की संभावना होती है, तो उसे खगोलीय वैज्ञानिक पृथ्वी के लिए खतरनाक की श्रेणी में रखते हैं. फिलहाल नासा का सेंटरी सिस्टम ऐसे खतरनाक एस्टेरॉयड पर नजर रखता है.