अभिभाषण में उपलब्धियों और भविष्य की नीतियों का जिक्र: आलमगीर

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आज  प्रश्नोत्तरकाल की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित रही। सभा में राज्य के वित्तमंत्री डॉक्टर रामेश्वर उरांव ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए सात हजार तीन सौ इक्कीस करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया।  वहीं भोजनावकाश के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद भाजपा विधायकों के बहिर्गमन के बीच उसे ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी। विधानसभा में भोजनाकाश दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही दुबारा शुरू होने पर नियोजन नीति समेत अन्य मुद्दों को लेकर भाजपा विधायक एक बार फिर से वेल के निकट आ गये और नारेबाजी करने लगे। बाद में भाजपा के सभी सदस्य अपनी बातों को कहतेहुए सभा की कार्यवाही का बहिर्गमन कर बाहर चले गये। वहीं  राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के विजन, उपलब्धियों और भविष्य की नीतियों का स्पष्ट रूप से जिक्र किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बजट सत्र केदौरान भी जब 22 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सभा की कार्यवाही को बीच में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा था। उसके बाद लॉकडाउन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सबसे पहले प्रवासी श्रमिकों को घर वापस लाने का काम शुरू हुआ। सभी जरूरतमंद और गरीब परिवार वालों को अनाज उपलब्ध कराया गया, जगह-जगह मुख्यमंत्री दाल भात केंद्र की स्थापना की गयी।  वापस लौटे श्रमिकों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने का काम भी शुरू हुआ।