हिमाचल के बिलासपुर में एम्स तैयार, इन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है ये एम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कई नए एम्स बनाने का वादा किया था. इसी सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में साल 2017 में एम्स की नींव रखी गई थी और 2019 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था।  लगभग 247 एकड़ जमीन पर बना यह एम्स शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग-205 रोड पर स्थित है। हिमाचल के सुंदर पहाड़ों के बीच बिलासपुर में बनाया गया एम्स हर मायने में सभी तकनीकों और सुविधाओं से लैस है. फिर चाहे वो मेडिकल में इस्तेमाल होने वाली मशीन हो या फिर यहां भर्ती मरीजों के लिए बनाए गए वॉर्ड्स. सभी तकनीक से लैस हैं. कई एकड़ में फैले इस एम्स में मरीजों की हर जरूरत का ख्याल रखने के लिए वॉर्डों को आधुनिक बनाया गया है।

750 बेड का है अत्याधुनिक अस्पताल

यह 750 बेड का अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल है. यहां 15 से 20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे. यहां पर ओपीडी की सेवाएं शुरू हो चुकी है। इस एम्स में 15 से 20 सुपर स्पेशलिस्ट विभाग होंगे। आपात भवन की दूसरी मंजिल में आठ ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। अस्पताल में 256 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है. इसकी विशेषता यह है कि इसकी क्षमता 256 स्लाइस प्रति सेकंड है. स्कैनर से मिलने वाली इमेज थ्री डी होगी. चंद मिनटों में यह पूरे शरीर को स्कैन करेगी. इस तकनीक की मदद से वेस्कुलर डिजिज की पहचान आसान होती है।

कम दाम में मिलेगा बेहतर इलाज

बिलासपुर में बना अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में एक हॉस्पिटल और एजुकेशन इंस्टीट्यूट है. इसमें मरीजों को हर बीमारी से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी. यहां लोगों को निजी हॉस्पिटल की अपेक्षा कम दाम में बेहतर इलाज मिलेगा। बिलासपुर एम्स ने अपना पहला सेशन 12 जनवरी 2021 से शुरू किया था, जिसके अंतर्गत 50 छात्रों ने एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लिया था।

अस्पताल की खासियत

अस्पताल के अंदर अत्याधुनिक तकनीक से लैस सारे स्वास्थ्य संबंधित मशीन है जिससे अस्पताल के अंदर मरीजों को उपचार करने में काफी लाभकारी साबित होगा। आमतौर पर मरीज के टेस्ट कराने के लिए उसके सैंपल स्कोर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में काफी समय लगता है जबकि इस अस्पताल के अंदर एक सैंपल वेक्यूम मशीन लगाया गया है जिससे उस मशीन पर सैंपल ट्यूब रखते हैं महज कुछ सेकंड्स में उस वेकम मशीन के जरिए वह सैंपल ट्यूब सीधा लवरेटरी पहुंच जाएगा।  अस्पताल के भीतर बने ऑपरेशन थिएटर में आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं उसके साथ ही दीवारों पर मनमोहक प्राकृतिक तस्वीरें लगाई गई है जिससे मरीज को सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो सके।

पड़ोसी राज्यों को मिलेगा लाभ

हिमाचल प्रदेश के अंदर AIIMS के निर्माण से प्रदेश के लोगों में काफी खुशी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अमूमन हमें बड़े उपचार के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता था। लेकिन अब हमें अपने राज्य में ही बेहतर उपचार मिलेगा। साथ ही पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी दिल्ली जाने के बजाय यहीं उपचार के लिये आ सकते हैं।