Assam Fire: आग का भयंकर मंजर अब भी जारी, 2 की मौत, पर्यावरण को भी हो रहा है नुकसान

असम के तिनसुकिया जिले में स्थि​त सरकारी गैस कंपनी ऑयल इंडिया के तेल के कुएं में लगी भीषण आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है. यहां आग लगातार मंगलवार से धधक रही है. 3 तीन पहले भड़की आग की वजह से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. आग पर काबू पाने की हर संभव कोशिश की जा रही है लेकिन ये कोशिशें अब तक नाकाम साबित हो रही है. वहीं इस हादसे में दो दमकलकर्मियों की मौत हो चुकी है. इनमें से एक की पहचान असम के पूर्व फुटबॉलर दुरलोव गोगोई के रूप में हुई है. इसके साथ ही कुछ लोगों के लापता होने की भी खबर है तो वहीं कुछ लोग घायल बताए जा रहे है.

विशेषज्ञों की माने तो आग पर तुरंत काबू पाना लगभग नामुमकिन है. कहा जा रहा है कि आग इतनी भयांनक है कि इसे बुझाने में चार हफ्ते यानी एक महीने का वक्त भी लग सकता है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया है.

आग और उससे उठता धुआं इतना घना है कि इसे 30 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है. जमीन पर बेकाबू आग सबकुछ जलाने पर उतारु है. इसके एक किलोमीटर के दायरे में हर चीज जलकर खाक हो गई है. आग की वजह से आसपास के इलाके में कोहराम मचा हुआ है.आग आस-पास के 6 गांवों को प्रभावित कर रही है. इस हादसे में कम से कम 30 मकान जलकर राख हो चुके है. घटनास्थल के आसपास से अबतक 1610 परिवार के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है.

इस भीषण आग से सिर्फ इंसान ही नहीं ब्लकि कई मीटर ऊंचे उठते काले धुएं से डिब्रु सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान को भी खतरा हो गया है. इस आग की वजह से आसपास के जंगल भी प्रभावित हुए है.यही वजह है कि असम के तिनसुकिया में आसमान में सिर्फ काला धुआं दिखाई दे रहा है. वहां का प्रदूषण स्तर भी काफी हद तक बढ़ गया है और वहां के वातावरण को भी नुकसान हो रहा है.

विशेषज्ञों की माने तो इस आग पर काबू पाना एक चुनौती है. हालांकि आग को अब 50 मीटर के दायरे तक सीमित कर दिया गया है. गैस के रिसाव को रोकने के लिए वहां मौजूद ऑयल इंडिया लिमिटेड के कर्मचारी, ओएनजीसी के अफसर, भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ की टीम, जिला प्रशासन के अफसर और विशेषज्ञों की टीमों की अबतक की सारी कोशिशें बेकार हो गई है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस आग पर काबू पाने का बस दो ही तरीका है पहला विकल्प ये है कि ऑक्सीजन रोककर आग पर काबू पाया जा सकता है लेकिन इसके लिए कुएं के मुहाने पर एक बड़ा विस्फोट कराना होगा, ऐसा करना बहुत मुश्किल है. दूसरा विकल्प ये है कि कुएं के नीचे से गैस की आपूर्ति खुदबखुद ही खत्म हो जाए और प्राकृतिक रूप से आग बूझ जाए.हालांकि पहले विकल्प में खतरा बहुत है और दूसरे विकल्प को माने तो आग को काबू करने में काफी लंबा इंतजार करना होगा.

गौरतलब है कि बघजान में ऑयल इंडिया लिमिटेड के गैस के कुएं से पिछले 14 दिनों(यानी 27 मई) से गैस का अनियंत्रित रिसाव हो रहा था. इसके बाद मंगलवार को आग लग गई और ये आग अब भी बेकाबू होकर जल रहा है. इस घटना की शुरुआती जांच के बाद 2 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है.