असम : तालाब में मृत पायी गयीं सैकड़ों मछलियाँ! जानिये कैसे हुई इतनी मछलियों की एक साथ मौत

असम/ गुवाहटी- असम के गुवाहाटी में मौजूद दिगलीपुखुरी तालाब में सैकड़ों मछलियां मृत पायी गयी जिसके बाद हडकंप मच गया है. अब  ऐसी आशंका जताई गयी  है कि तालाब में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण इनकी मौत हुई है . मत्स्य विभाग (Fish Department) के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि मृत मछलियां शनिवार को तालाब में बहती नजर आयी और उन्हें निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में जहर देने की आशंका से इनकार कर दिया गया है और पर्यावरणीय परिस्थितियां इसकी वजह हो सकती है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘ऑर्गेनिक की मात्रा अत्यधिक होने के कारण पानी में ऑक्सीजन का स्तर कम होना इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के पीछे की वजह लगती है लेकिन हम जांच पूरी करने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कह सकेंगे.’’दिगलीपुखुरी तालाब करीब 500 मीटर लंबा है और यह राज्य के सबसे बड़े शहर के अंबारी इलाके में स्थित है. इस तालाब का निर्माण अहोम वंश के शासकों ने ब्रह्मपुत्र नदी की नहर के तौर पर करवाया था. बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान यह नहर भर गयी. दिगलीपुखुरी शहर में एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल है.

कोरोना के समय केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जब 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज घोषित किया था, तब उसमें से 20 हजार करोड़ असम के मछली उत्पादन के लिए बांटे किए गए थे. मत्स्य पालन में असम कई पुरस्कार जीत चुका है. इनमें सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी राज्य व उत्तरपूर्वी राज्यों में श्रेष्ठतम होने की श्रेणी के पुरस्कार भी शामिल हैं. व्यक्तिगत श्रेणी का पुरस्कार भी असम के खाते में गया था.

असम में मछली का बड़ा बाजार है. हजारों गरीब अपने भोजन की जरूरत पसीना बहाकर पूरी करते हैं. खरीदने के बजाय खुद के पोखर से ही मछली पकड़ते हैं. असम में मछली को भोजन के तौर पर इस्तेमाल करने वाली आबादी 50 फीसद से अधिक है.