BA.2.75: कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट, भारत समेत 8 देशों में मिले हैं मामले

कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार टेंशन देने वाला है। कोरोना के खतरनाक वेर‍िएंट ओमिक्रॉन ने एक बार फ‍िर अपना रूप बदला है। कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट में फिर से म्यूटेशन हुआ है और इसका एक नया सब-वैरिएंट सामने आया है। अब ओम‍िक्रॉन का नया सब वेर‍िएंट BA.2.75 सामने आया है। यह तेजी से कोरोना इन्फेक्शन फैलाने वाला वायरस है और कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेने के बाद बनी एंटीबॉडी को भी चकमा दे रहा है। वैज्ञानिक इसके साथ दूसरे वैरिएंट को लेकर अधिक चिंतित हैं जो अलग-अलग राज्यों में दिखाई दे रहे हैं। ये वैरिएंट वायरस की स्पाइक प्रोटीन सरंचना में नौ तरह के बदलाव कर चुके हैं, जिनमें कुछ डेल्टा की तरह इम्युनिटी कम करने की क्षमता रखते हैं। 

ओमिक्रॉन सबसे संक्रामक वैरिएंट 

ओमिक्रॉन वैरिएंट पिछले साल नवंबर में साउथ अफ्रीका में सामने आया था.। ओमिक्रॉन अब तक का सबसे संक्रामक वैरिएंट है, हालांकि बाकी वैरिएंट्स की तुलना में इसे थोड़ा कम गंभीर माना जाता है।  ज्यादा संक्रामक होने की वजह से इसमें बार-बार म्यूटेशन भी हो रहा है, जिससे इसके अलग-अलग सब-वैरिएंट्स सामने आ रहे हैं। 

देश में कहां अध‍िक मामले केस

देश में ओमिक्रॉन के तीन नए सब वेर‍िएंट BA.2.74, BA.2.75 और BA.2.76 बीते द‍िनों सामने आए हैं। ओमिक्रॉन के तीन नए रूपों को देश में वैज्ञानिकों ने BA.2 के वेरिएंट के रूप में महाराष्ट्र, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में पाया है। जानकारों का कहना है कि यही BA.2 वेरिएंट देश में जनवरी में तीसरी लहर की वजह बना। अमेरिका, कनाडा और जापान में भी तेजी से ये कोरोना फैला रहे हैं।

नए वेर‍िएंट के चलते केस में इजाफा

ओमीक्रोन के इस सब-वेरिएंट के चलते देश में पिछले हफ्ते के भीतर एक लाख से ज्‍यादा नए मामले सामने आए हैं। 7 दिनों का यह आंकड़ा पिछले चार महीनों में सबसे अध‍िक है। 27 जून से 3 जुलाई के बीच कोविड के 1.11 लाख से ज्‍यादा नए मामले साामने आए। इस दौरान कम से कम 192 मौतें दर्ज हुईं। इनमें से 44 फीसदी मौतें केरल में हुईं।

भारत के लिए कितना खतरनाक है बीए.2.75 सब-वेरिएंट?

ओमिक्रॉन (Coronavirus Omicron Variant) सबसे खतरनाक वेरिएंट है और यह तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता है. हालांकि, ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट बीए.2 और बीए.2.75 (Omicron Sub-Variant BA.2.75) का अध्ययन करने पर पाया गया है कि भारत में इसका सीमित प्रसार है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश में अब तक नए वेरिएंट की वजह से बीमारी की गंभीरता और संक्रमण में तेजी नहीं पायी गई है। 

शरीर में बनी एंटीबॉडी को चकमा दे सकता है BA.2.75 वेरिएंट

वैज्ञानिकों का कहना है, जब हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि जून में यह वेरिएंट किसी मरीज को एक से ज्यादा बार क्यों बीमार कर रहा है, तभी हमें इसके बदले रूप का पता चला। इनमें से BA.2.75 वेरिएंट 80 बार से ज्यादा रूप चुका है। वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा चिंता इसी वेरिएंट से है, जो कोरोना से बचाव की शरीर में बनी एंटीबॉडी को चकमा दे सकता है।