जल रहे जंगल को हैण्डपंप के पानी से बुझाने की कोशिश में लगे हैं ग्रामीण, खुल रही है विभाग की पोल!

जंगल में आग लगने की खबरें अभी से ही आम हो गयी है. जंगल में आग लगी है, सूचना दी जाती है, मीडिया पर सुर्खियाँ बनती है और फिर आश्वासन दिया जाता है लेकिन जंगल फिर भी जलते रहते हैं.  मार्च के महीने में देश के कई राज्यों के जंगलों में आग लगने की घटनाएँ सामने आ चुकी है और ये सिलसिला अप्रैल में भी जारी है. चिंता की बात है कि प्रशासन और विभाग पूरी तरह से इस आग के सामने बौना नजर आ रहा है.

हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की. जहाँ इन दिनों जंगलों में अचानक से आगजनी की घटनाएं बढ़ गयी है. जंगलों में लगी आग के चलते पर्यावरण पर खतरा मंडराने लगा है. दरअसल दंतेवाड़ा के बचेली रेंज में शहर से सटे पाड़ापुर के पास आमोद अरण्य (लघु वन) के पास भीषण आग लग गयी. आसपास के इलाके में भी आग की लपटें पहुँचने लगी.

जब आग आसपास के इलाके में फैलने लगी तब जाकर वनजल संरक्षण समिति ने हैंडपंप से आग बुझाने की जिद्दोजहद की, पर भीषण आग पर काबू पाने में नाकामयाब रहे। इसके बाद जब सीआईएसएफ के कमांडेंट नरपतसिंह को इसकी जानकारी लगी, तो उन्होंने दमकल की गाड़ियों को वहां भेजा। दमकल की घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बचेली के 10 नम्बर डिपाजिट में भी जंगलो में आग लगने की खबरें मिल रही हैं। आपको बता दें कि जंगलो में आग लगने की सूचनाओं को वन विभाग बचेली ने गंभीरता से नही लिया। इसलिए आसपास के वनों में आगजनी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के दावों की कलई भी खुलती नजऱ आ रही है।