अमेरिका के वैज्ञानिकों का बड़ा दावा- कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए रामबाण इलाज है गांजा

कोरोना महामारी के फैलने की रफ्तार को रोकने के लिए दुनियाभर के कई वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं. ऐसे में एक स्टडी में इस बात का दावा किया गया है कि कोरोना के गंभीर मरीजों का गांजे से इलाज किया जा सकता है. दरअसल, अमेरिका की साउथ कैरोलिना यूनिवर्सिटी ने ताजा स्टडी में ये बड़ा दावा किया है. यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने चूहों के ऊपर गांजे की तीन स्टडी की है.

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इस शोध में पाया गया है कि गांजे में मौजूद टीएचसी (Tetrahydrocannabinol) पदार्थ दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता हैं.असल में THC लोगों को खतरनाक इम्यून रेस्पॉन्स से बचा सकता है जिसकी वजह से अक्सर मरीज एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) के शिकार हो जाते हैंरिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के गंभीर मरीजों में ARDS की समस्या काफी आम है. इसी वजह से कई मरीजों की मौत भी हो जाती है.वही गांजे में टीएचसी मौजूद होते हैं, जो ARDS के शिकार मरीजों को ठीक करते हैं.

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इस अमेरिकी स्टडी में सबसे पहले ये पता लगाने की कोशिश की गई थी कि क्या THC इम्यून रेस्पॉन्स को रोक सकता हैअमेरिकी यूनिवर्सिटी की तीनों स्टडी में कई दर्जन प्रयोग किए गए. यहाँ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के कई राज्यों में गांजे का सेवन कानूनी रूप से वैध है

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हालांकि, रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने चेतावनी भी दी है कि किसी भी निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए अभी इस विषय पर और रिसर्च किए जाने की जरूरत है और वे लोगों को खुद से गांजे के सेवन के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं. ऐसा करने पर लोगों की बीमारी और बढ़ भी सकती है. लेकिन स्टडी टीम अब गांजे का ह्यूमन ट्रायल शुरू करने की योजना बना रहे हैं. हालाँकि अभी ट्रायल के लिए इजाजत नहीं मिली है.