नेपाल में आई बाढ़ की वजह से बिहार की हालत खराब! मुख्यमंत्री ने की बैठक

भारत का पड़ोसी देश नेपाल बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हो चुका है. नेपाल में नदी में आए सैलाब से अबतक सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताये जा रहे हैं. बाढ़ के पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि कई पुल टूट गए हैं.

दरअसल पिछले 48 घंटें से नेपाल के कुछ इलाकों में जबरदस्त बारिश हो रही है जिसके बाद सिंधुपालचोक में मेलम्ची नदी में बाढ़ आ गई. मेलम्ची नदी के किनारे के गांवों में क़रीब 300 झोपड़ियां बह गईं. वहीं लामजुंग ज़िले में क़रीब 15 घर बह गए.इसके साथ सैकड़ों घर खतरे में हैं.. सिंधुपालचौक में दो कंक्रीट पुल और करीब पांच से छह छोटे पुल भी ढह गए हैं. कृषि भूमि और मछली फार्म भी जलमग्न हो गए हैं. हेलांबु शहर में पुलिस चौकी जलमग्न हो गई है.

नेपाल में आई बाढ़ के बाद अब नेपाल की सरकार ने कई डैम और नदियों के फाटक खोल दिए हैं। यह पानी बिहार के कई गांवों में घुस गया है, जिसके चलते दर्जनों गांव डूबने की कगार पर पहुंच गए हैं. बिगड़ते हालात के चलते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा विभाग जल संसाधन विभाग और संबंधित सभी अधिकारियों की हाईलेवल बैठक बुलाई. जिसमें नेपाल में हो रही बाढ़ की वजह से पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जिले के जिलाधिकारियों को सतर्कता बरतने और अलर्ट में रहने के निर्देश दिए.

बिहार मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिन में प्रदेश के लिए भारी तबाही भरे हो सकते हैं. विशेषज्ञों ने भारी बारिश की संभावना जताई है। जिसके चलते प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर हो गए हैं.
बिहार के कई जिले नेपाल की सीमा से सटे हैं वहीँ नेपाल के उन्हीं जिलों में इस वक्त बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. जिसका खतरा बिहार के उन जिलों पर है जो नेपाल से सटे हुए हैं.