Bird Flu: 1997 में पहली बार पाया गया था बर्ड फ्लू का संक्रमण, जानें भारत में क्या है इसकी स्थिति

भारत में बर्ड फ्लू के बढ़ते रफ्तार के बाद कई राज्यों में हलचल तेज हो गई है. पहले कोरोना वायरस का संकट और अब बर्ड फ्लू के कहर ने सरकारों की निंद उड़ा दी है. बर्ड फ्लू के सबसे अधिक मामले मध्य प्रदेश में सामने आए हैं, मध्य प्रदेश में सैकड़ों की संख्या में कौवों की मौतें हुई है. अभी इसी संकट को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक बुलाई. इस बैठक में राज्य के चिकित्सा मंत्री समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. भारत सरकार द्वारा बर्ड फ्लू को लेकर जो निर्देश भेजे गए हैं, उनको लेकर बैठक में मंथन हुआ. राज्य में अब पॉल्ट्री फॉर्म में पक्षियों के सैंपल लिए जाएंगे, इसके लिए जल्द ही राज्य सरकार निर्देश जारी करेगी.

– भारत सरकार के अनुसार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसके जरिए देश में आ रहे ऐसे मामलों पर नज़र रखी जा रही है. राज्य सरकारों के साथ मिलकर सभी अहम कदम उठाए जा रहे हैं.

– बर्ड फ्लू के संकट को देखते हुए कर्नाटक ने केरल से सटी अपनी सीमा पर अलर्ट जारी कर दिया है. कर्नाटक के चार जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जो केरल से सटे हैं. यहां पर बर्ड फ्लू को लेकर सतर्कता और बढ़ाई जाएगी. यही नहीं कई अन्य राज्यों ने भी अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया है.

ऐसे में हम आपको यहां बता दें कि भारत में बर्ड फ्लू का कहर पहली बार नहीं फैला है, इससे पहले भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है.लेकिन इस बार हालात कुछ अलग है क्योंकि पहले से ही यहां कोरोना का संकट जारी है और लोग मुश्किलों में हैं, ऐसे में ये संकट और चुनौतीपूर्ण हो गया है. बता दें कि भारत में 2006, 2008 में सबसे अधिक बर्ड फ्लू ने कहर बरपाया था. 2006 में महाराष्ट्र-गुजरात और फिर 2008 में बंगाल में इसका असर देखने को मिला था. अनुमान के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 5 हजार से अधिक मामले बर्ड फ्लू से जुड़े सामने आते हैं.

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू?

बर्ड फ्लू या यूं कहें कि एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1) जो कि वायरस का ही एक अंश है, जो पक्षियों के जरिए फैलता है. पहले पक्षियों से पक्षियों में और फिर जब ये असर बढ़ता जाता है, तो पक्षियों से इंसानों में भी बीमारी फैल जाती है. यही वजह है कि बर्ड फ्लू को खतरनाक माना जाता है, क्योंकि पक्षी हर जगह मौजूद होते हैं और किसी भी बंधन से परे होते हैं. ऐसे में डर इस बात का होता है कि इनका विस्तार आसानी से इंसानों तक भी हो सकता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 1997 में हॉन्गकान्ग में पहली बार एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1) पाया गया था. लेकिन, साल 2003 के बाद ये वायरस एशिया से होते हुए यूरोप और अफ्रीका में भी फैल गया. इस वायरस के कारण अबतक करोड़ों पक्षियों की जान जा चुकी है, जबकि आम इंसान भी इसका शिकार हो चुके हैं.