क्या इलेक्ट्रिक कारें में फैला सकती है प्रदुषण? पढ़िए हमारी ये रिपोर्ट

भारत के शहरों में दौड़ने वाली लाखों गाड़ियों से प्रदुषण फैलता है. इसके विकल्प के तौर पर अब इलेक्ट्रिक वाहनों को देखा जा रहा है. कहा जाता है कि इलेक्ट्रिक कारें प्रदुषण नही फैलाती है और इसी वजह से आज के समय के अनुसार इसकी जरूरत भी है. पर्यावरण के लिहाज से इलेक्ट्रिक कारें बहुत ही शानदार बताई जाती हैं. ये कारें कार्बन फ्री होती हैं. तो क्या इलेक्ट्रिक कारों या गाड़ियों से प्रदुषण पर लगाम लग पायेगा..

दरअसल इलेक्ट्रिक कारों में पेट्रोल और डीजल कारों की तरह ‘इंटरनल कंब्यूशन इंजन’ नहीं होता है. यह कारें फ्यूल सेल्स से चलती हैं, जो हाइड्रोजन और लीथियम ऑयन से बिजली पैदा करते हैं. हर सेल में पॉजिटिव इलेक्ट्रोड और नेगेटिव इलेक्ट्ऱोड होते हैं, जिनमें ग्रेफाइट की मात्रा ज्यादा होती है. इन सेल्‍स के इलेक्ट्ऱ़ोड के बीच एटम्स प्रकिया होती है, जो मोटर को पावर देते हैं और गाड़ी चलती है… इससे इनमें धुआं नही निकलता, आवाज भी बहुत कम होती है और पर्यावरण के लिहाज से इसे बेहतर माना जाता है लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग की जरूरत होती है जो बिजली से ही चार्ज होगी.. जो कोयला-जलाने और न्यूक्लियर पावर स्टेशन से बनाई जाती है… यहाँ से प्रदूषण फैलता ही है…

इतना ही नही बैटरी में इस्तेमाल किया जाने वाला ईंधन कोबाल्ट डेमोक्रेटिक रिपब्ल्कि ऑफ कॉन्गो की खदानों से आता है, जहां बड़े और छोटे बच्चे मजदूर के तौर पर काम करते हैं. यहाँ इनकी स्थिति दयनीय है और कई मानवाधिकार संगठनों ने इसके लिए आवाज भी उठाई है. साथ ही साथ इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की रिसाइकिलिंग भी बड़ी समस्या है. यूरोपियन कमीशन का अनुमान है कि साल 2028 तक सड़कों पर 200 मिलियन इलेक्ट्रिक कारें दौड़ेंगी.

इसी के साथ आपको बता दें कि ब्रिटेन दुनिया का पहला देश होगा, जहां 10 साल बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें ही चलेंगी। यहां 2030 से पेट्रोल-डीजल वाली कारों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है। पर्यावरण संरक्षण के तहत ब्रिटेन सरकार ने बुधवार को 10 सूत्रीय ‘ग्रीन इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन’ योजना लागू करने की घोषणा की। 1.18 लाख करोड़ रुपए की इस योजना से ढाई लाख नई नौकरियां तो पैदा होंगी ही, साथ ही देश 2050 तक कार्बन उत्सर्जन से मुक्त भी हो जाएगा। इधर, भारत में पर्यावरण को बचाने के लिए कई राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों को टैक्स से लेकर रजिस्ट्रेशन में छूट मिल रही है.