कोरोना से जुड़े हर अपडेट के लिए यहां क्लिक करें, वैक्सीन से लेकर रिसर्च तक की सभी खबरें एक साथ

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच इसके वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर है. जी हां रूस ने वैक्सीन बनाने का दावा किया है और इतना ही नहीं 15 अगस्त तक इसको मार्केट में लाने की भी बात कही है. माना जा रहा है कि वो अगस्त के दूसरे हफ्ते में ही वैक्सीन रजिस्टर करा लेगा. अगर ऐसा हुआ तो रूसी वैक्सीन दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन साबित होगी. हालांकि वैक्सीन के दौड़ में पीछे-पीछे अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और भारत भी हैं.

अमेरिका के टॉप महामारी एक्‍सपर्ट एंथनी फाउची के अनुसार, 2020 के आखिर तक एक सेफ और प्रभावी कोविड-19 वैक्‍सीन ‘हकीकत’ बन जाएगी. उन्‍होंने कहा, “मुझे नहीं लगता यह सपना देखना है. मैं मानता हूं कि यह सच है और यह सच ही साबित होगा.”अमेरिका में जहां इसके वैक्सीन को बनाने की कवायद तेज है तो वही अमेरिका ने लगभग हर प्रमुख वैक्‍सीन की डोज सिक्‍योर कर ली है. अभी हाल ही में अमेरिका ने Sanofi और GlaxoSmithKline से 2.1 बिलियन डॉलर में वैक्‍सीन की 100 मिलियन डोज का सौदा किया है. इसके तहत अमेरिका के पास 500 मिलियन ऐडशिनल डोज ऑर्डर करने का ऑप्‍शन भी रहेगा.

Mint Lite | Corona vaccines, flood, gold prices, Eid and other news

अब अगर भारत की बात करें तो यहां भी कई काम हो रहे हैं. देश की पहले कोरोना वायरस वैक्‍सीन Covaxin का ट्रायल उत्‍तर प्रदेश में भी शुरू हो गया है. कानपुर के राणा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में कुल नौ वॉलंटियर्स को वैक्‍सीन दी गई, उनकी हालत ठीक बताई जा रही है. कोवैक्सिन के ट्रायल के लिए लोगों में खासा उत्‍साह देखा जा रहा है और वे वॉलंटियर बनने के लिए भारी संख्‍या में रजिस्‍ट्रेशन करा रहे हैं.

वही ऑक्सफोर्ड ने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट से डील की है. इसके तहत साल खत्म होने तक वैक्सीन की 400 मिलियन डोज तैयार की जाएंगी. हालांकि ये वैक्सीन सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि मध्यम आय वाले कई देशों में जाएंगी. वैसे सीरम इंस्टीट्यूट का कहना है कि भारतीयों को भी बड़ी संख्या में डोज दिए जाएंगे.

इन सब के बीच WHO ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस से जल्द छुटकारा मिलने वाला नहीं है. WHO प्रमुख टेड्रोस एडहोम घेब्येयियस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा कि ऐसी महामारी सदियों में एक बार होती है और इसका प्रभाव आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा.‘कई देश जो मानते थे कि उन्होंने कोरोना को पीछे छोड़ दिया है, अब नए मामलों से जूझ रहे हैं. कुछ ऐसे देश जो शुरुआत में वायरस के कम प्रभावित हुए थे, अब वहां हालात चिंताजनक बने हुए हैं’. उन्होंने आगे कहा कि वैक्सीन को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है, लेकिन अब हमें वायरस के साथ जीना सीखना होगा और जो कुछ भी हमारे पास है उससे इसका मुकाबला करना होगा.

वही अगर भारत में कोरोनी की स्थिति पर एक नजर डाले तो अब देश में संक्रमितों का आंकड़ा 17 लाख के करीब पहुंच गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा रिपोर्ट के मुताबिक,देश में बीते पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 57 हजार 117 नए मामले सामने आए और इस दौरान 764 मौतें हुईं. देश में अबतक 16 लाख 95 हजार 989 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं. जिनमें से 36 हजार 511 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लाख 94 हजार 374 लोग ठीक भी हुए हैं. इसके साथ ही 5 लाख 65 हजार 103 कोरोना के एक्टिव केस हैं.

वहीं विश्व भर में इस वायरस ने पौने दो करोड़ लोगों को अपना शिकार बनाया है. इसमें से 6 लाख 78 हजार लोगों की मौत हो गई है. कोरोना से जुड़े हर अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहे और पढ़ते रहे पर्यावरण पोस्ट.