भारत में सबसे तेजी से फ़ैल रहा है कोरोना का संक्रमण लेकिन नेताओं को है बस राजनीति की चिंता?

भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया में सबसे तेजी से फ़ैल रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के दुनिया में अब तक सामने आए कुल मामलों में 18.6 प्रतिशत मामले भारत में हैं. स्वास्थय मंत्रालय के अनुसार देश में संक्रमण के 79,476 नए मामले सामने आने के बाद कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या 64,73,544 हो गई. वहीं, पिछले 24 घंटे में 1,069 मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,00,842 हो गई. जबकि प्रतिदिन 70 हजार से 9० हजार के बीच कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं.

वहीँ दूसरी तरफ नियम, कानून बनाकर लगभग सभी क्षेत्र के संस्थानों को खोल दिया गया है. बस, ट्रेन, मेट्रो, जिम, मॉल जैसे लगभग हर जगह को नियम बनाकर खोलने का आदेश दिया गया है लेकिन सवाल ये है कि इन नियमों का पालन करने वाला कौन है? इन नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वाला कौन है? खासकर बिहार चुनाव में इस बात जोर दिया गया है वर्चुअल रैली की जायेंगी ताकि भीड़ इकट्ठी ना हो, डोर टू डोर कैम्पेन में लोगों की संख्या समिति कर दी गयी है लेकिन कानून और गाइडलाइन के बाद भी आखिर किस तरह नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है इसके कई उदाहरण हम आपके सामने आगे पेश करने जा रहे हैं.

हाथरस की बेटी को इन्साफ दिलाने के नाम पर नियमों की धज्जियां :

हाथरस में हुई घटना को लेकर शायद ही कोई ऐसा इंसान जिसके अंदर गुस्सा ना हो, आक्रोश ना हो लेकिन पिछले  दिनों दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक इन्साफ के नाम पर कोविड कानून की किस तरह धज्जियां उड़ाई गयीं इसका एक उदाहरण नॉएडा के डीएनडी और नॉएडा एक्सप्रेसवे पर देखने को मिला. दरअसल राहुल गाँधी गुरूवार को जब हाथरस जाने के लिए दिल्ली से निकले तो वे डीएनडी से होते हुए नॉएडा में प्रवेश कर हाथरस जाने वाले थे लेकिन नॉएडा डीएनडी पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात थी ताकि राहुल गाँधी और प्रियंका गांधी को हाथरस जाने से रोका जा सके.. साथ ही साथ वहां पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं में से अधिकतर ने ना तो मस्का पहना हुआ था और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे थे. यहाँ तक कि राहुल गाँधी के सामने भी कार्यकर्ताओं ने कोविड नियमों की जमकर धज्जियाँ उड़ाई.

हाथरस में मीडिया कर्मियों ने तोड़ा कानून 

वहीँ हाथरस की घटना को मीडिया की कवरेज देने के लिए पहुंचे मीडियाकर्मियों के बीच भी सोशल डिस्टेंसिंग नही देखने को मिली. मीडिया कर्मी पुलिस वालों से नाराज जरूर थे लेकिन इस दौरान साफ़ तौर देखा गया कि मीडिया कर्मियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग नाम की कोई चीज नही थी हालाँकि अधिकतर मीडियाकर्मी मास्क जरूर पहने हुए थे.

इंडियागेट पर प्रदर्शन के दौरान भी तोड़ा गया कानून 

हाथरस की बेटी को ही इन्साफ दिलाने के लिए भीम आर्मी के चीफ चद्रशेखर समेत कन्हैया कुमार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के साथ -साथ कई नेता और कार्यकर्ताओं ने इंडियागेट पर जोरदार प्रदर्शन किया. यहाँ पर नाच-गाने और नारेबाजी कर हाथरस की बेटी को इन्साफ दिलाने के लिए हंगामा किया गया लेकिन यहाँ पर कोविड के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गयीं. यहाँ  पर कई लोग ऐसे थे जो बिना मास्क के थे और सोशल डिस्टेंसिंग तो बिलकुल भी नही थी. तस्वीरें देखने पर ऐसा लगता है जैसे ये पूरी भीड़ कोरोना के पहले एकत्रित हुई हो और देश में कोरोना नाम की कोई महामारी हो ही ना!

शनिवार को डीएनडी पर फिर कांग्रेस के नेताओं ने तोड़ा कानून

वहीँ शनिवार को एक बार फिर जब राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी समेत कई सांसद दिल्ली से हाथरस के निकले तो नॉएडा डीएनडी पर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में पहुँच गये. जहाँ एक बार फिर गुरूवार के दिन हुई स्थिति साफ़ तौर पर दिखाई दी. हालाँकि एक तस्वीर सामने आई जिसमें राहुल गाँधी गाड़ी के अंदर दो मास्क लेकर बैठे हुए हैं लेकिन बाहर कार्यकर्ता बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के शोर शराबा और हंगामा कर रहे हैं. हालाँकि सबसे हैरानी वाली बात तो ये है कि ना तो राहुल गाँधी और ना ही प्रियंका गांधी ने इन कार्यकर्ताओं को नियमों को पालने का अनुरोध किया और ना ही कानून तोड़ने से मना किया.

बीजेपी नेता भी कोविड कानून का मजाक उड़ने में नही है पीछे

कोरोना वायरस से बचाव के लिए जारी किये गये गाइडलाइन का पालन ना करने वालों में बीजेपी के नेताओं की भी लिस्ट बड़ी लम्बी है. जो सांसद नए पदभार के साथ अपने क्षेत्र जा रहे हैं उनके स्वागत कार्यक्रम के नाम जमकर कोविड के गाइडलाइन की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं. कहीं स्वागत के नाम पर तो कहीं सम्मान के नाम पर नियमों का मजाक बनाया जा रहा है.

नियमों को झेल रही है सिर्फ आम जनता 

कोविड के नियमों का पालन करने के लिए आम जनता मजबूर है. आम जनता को हर स्थिति में इन नियमों का पालन करना पड़ रहा है और नेताओं को कानून तोड़ते हुए देखना पड़ रहा है. इतना ही जनता ये भी देख रही है कि कानून तोड़ने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं, मीडिया कर्मियों पर कार्रवाई क्या हो रही है! एक मिनट भी मास्क ना पहनने पर दिल्ली की जनता को, घूम रहे दिल्ली पुलिस के जवान पकड़ लेते हैं और 500 रूपये ( दिन भर की कमाई ) का जुर्माना भरना पड़ रहा है. इतना ही नही सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर दिल्ली मेट्रो और बसों में सफ़र करने वाले आम लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

दिल्ली में सरकारी बसों में एक सीट छोड़कर एक सीट पर बैठने का आदेश दिया गया है. इसके चलते अगर बस में कोई सीट खाली नही है तो बस बस स्टॉप पर रूकती तक नही और डयूटी से घर जाने वाले और घर से डयूटी जाने वाले लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. घंटों तक खाली सीट वाली बस के आने का इन्तजार करना पड़ रहा है. कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो कोविड के नियमों का पालन करना सिर्फ आम जनता की जिम्मेदारी है और मजबूरी भी!

आखिर विरोध,प्रदर्शन, समर्थन के नाम पर कोरोना से बचाव के नियमों का पालन ना करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी? हालाँकि खबर ये आई थी कि गुरूवार को राहुल गाँधी और प्रियंका गांधी के नाम पर एफआईआर दर्ज की गयी थी क्यों उन्होंने कोविड के नियमों को तोडा था लेकिन जब शनिवार को भी कानून तोडा गया तो अब क्या कार्रवाई होती है, ये देखने वाली बात है!