साल 2014 से अब तक इन नेताओं ने कांग्रेस को कहा अलविदा, इस नेता ने दिया था सबसे बड़ा झटका

राजनीति में पार्टी बदलने की कलाबाजी तो काफी समय से चली आ रही है लेकिन पिछले कुछ सालों कांग्रेस को इस कलाबाजी से भारी नुकसान उठाना पड़ा है. कई बड़े और युवा नेताओं के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस को तगड़ा झटका मिला है… हाल ही सचिन पायलट के बगावती तेवर ने ये साबित कर दिया कि कांग्रेस अभी भी अपने परिवार को संभालने में सक्षम नही हो पायी है.. हालाँकि जब पार्टी की लोकप्रियता घटने लगती है तो इस तरह की कलाबाजी आम हो जाती है लेकिन पिछले कुछ सालों से कांग्रेस को दलबदलू लोगों से काफी नुकसान उठाना पड़ा है.

आइये जानते है कि साल 2014 के बाद किन नेताओं ने कांग्रेस को अलविदा कहा और दूसरी पार्टी के साथ जुड़ गये.

सबसे पहले बात करते हैं जयंती नटराजन की

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंती नटराजन ने 30 जनवरी 2015 को कांग्रेस पार्टी का साथ छो़ड़ा था. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप थे. पार्टी छोड़ते वक्त उन्होंने कांग्रेस के आलाकमान के साथ साथ कांग्रेस के बड़े नेताओं पर बलि का बकरा बनाने का आरोप भी लगाया था. हालाँकि ये दूसरा मौका था जब नटराजन ने कांग्रेस को अलविदा कहा था. इससे पहले भी वे 1990 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी. नरसिम्हा राव से नाराज  होकर नटराजन और कई नेताओं के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी.. हालांकि बाद में उनकी घर वापसी भी हो गयी थी.

जीके वासन

कांग्रेस छोड़कर देसिया तमिल मनीला कांग्रेस की स्थापना करने वाले जीके वासन ने ये कहते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था कि कांग्रेस पार्टी में तमिलनाडु इकाई को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता. यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके जीके वासन ने नवंबर 2014 में कांग्रेस को अलविदा कहा था.

रीता बहुगुणा जोशी

लखनऊ से विधायक और योगी सरकार में मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने साल 2016 में कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. आपको बता दें कि रीता बहुगुणा जोशी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रह चुकी थी.

चौधरी बीरेंदर सिंह

हरियाणा के ताकतवर नेताओं में गिने जाने वाले नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 2014 में कांग्रेस को अलविदा कहा था.. बाद में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े, जीते और फिर केन्द्रीय मंत्री बने..ऐसा कहा जाता है कि चौधरी बीरेंद्र  सिंह ने हरियाणा के तत्कालीन सीएम और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा के विरोध में कांग्रेस को अलविदा कहा था.

टॉम वडक्कन

सोनिया गांधी के खास माने वाले टॉम वडक्कन ने पार्टी छोड़ दी थी.वे 20 सालों तक सोनिया गाँधी के बेहद करीबी माने जाते थे.  उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक के समय में पार्टी के स्टैंड का विरोध किया था. बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली.

रंजीत देशमुख

महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विलासराव देशमुख की सरकार में मंत्री रहे रंजीत देशमुख ने भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया था… हालाँकि उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते पार्टी और राजनीति दोनों से किनारा कर लिया था.

उर्मिला मतोंड़कर

साल 2019 लोकसभा चुनाव से पहले उर्मिला ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी.. चुनाव में हार के बाद महज पांच महीने के अंदर उर्मिला ने कांग्रेस से किनारा कर लिया था.

ज्योतिरादित्य सिंधिया

कांग्रेस को सबसे तगड़ा झटका तब लगा जब कांग्रेस का एक चर्चित और युवा चेहरा पार्टी को छोड़ दिया..दरअसल मध्यप्रदेश में जमीनी स्तर पर मेहनत कर कांग्रेस को सत्ता में लाने वाले सिंधिया तब पार्टी से नाराज हुए थे जब उनकी जगह कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया गया था. राहुल गाँधी के बेहद करीबी माने जाने वाले सिंधिया ने बगावत कर कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था.. उन्हें कई विधायकों का समर्थन प्राप्त था.. विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले सिंधिया के जाने से कांग्रेस को बड़ा धक्का लगा था..

हालाँकि शायद यहाँ लिस्ट खत्म ना हो.. क्योंकि राजस्थान में चल रहे हालात ऐसे है कि मानों कांग्रेस अपने एक और बड़े और युवा चेहरे को खोने जा रही है.