Corona: जानिए कोरोना के खिलाफ कौन सी वैक्सीन कितनी कारगर है? कौन सी वैक्सीन आपके लिए है सही?

सरकार सभी को फ्री में वैक्सीन लगाने का एलान कर चुकी है जल्दी ही आपतक भी वैक्सीन पहुँच जायेगी. पूरी दुनिया में आठ वैक्सीन ऐसी है जो लोगों को लगाई जा रही है.. फिलहाल भारत में तीन वैक्सीन ऐसी है जिनको मंजूरी मिल चुकी है. भारत में इस समय कोरोना की तीन वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक वी को मंजूरी मिल चुकी है.

जानिए कोरोना के खिलाफ कौन सी वैक्सीन कितनी कारगर?

Indian Covid-19 vaccine and sputnik V | Coivd-19: कोविशील्ड, कोवैक्सीन,  स्पुतनिक-V, कैसे अलग हैं तीनों वैक्सीन? जानिए इनके बारे में सब कुछ,  covishield, covaxin and sputnik V, all u ...

कोविशील्ड

ये कोरोना के खिलाफ जंग मे 70% कारगर है. इसके साथ ही कोरोना के यूके वैरिएंट (B117), साउथ अफ्रीकी वैरिएंट (B1351) के खिलाफ असरदार है लेकिन ब्राजीली वैरिएंट (P1) के खिलाफ ज्यादा कारगर नहीं है. सरकार ने इस वैक्सीन को और असरदार बनाने के लिए दो डोज के बीच अंतराल बढ़ा दिया है. अब कोविशील्ड के दो डोज के बीच में 14-16 हफ्ते गैप दिए जाने की सलाह दी गई है. कोविशील्ड के इस्तेमाल के बाद लोगों में लालपन, बदन या बांह में दर्द, बुखार आना, थकान महसूस होना और मांसपेशियों के जकड़ने जैसे साइड इफेक्ट देखे गए हैं.

कोवैक्सीन

ये भारत की स्वदेशी वैक्सीन है, इसके भी दो डोज़ दिए जाते हैं. ये कोरोना के खिलाफ 78% असरदार है. ये यूके वैरिएंट समेत कुछ अन्य वैरिएंट के खिलाफ भी कागगर है. कहा जा रहा है कि कोवैक्सीन लेने के बाद लोगों को सूजन, दर्द, बुखार, पसीना आना या ठंड लगने, उल्टी, जुकाम, सिरदर्द और चकत्ते जैसे साइड इफेक्ट का सामना करना पड़ सकता है.

स्पुतनिक वी

ये कोरोना के खिलाफ जंग मे 91% कारगर है. इसके क्लीनिकल ट्रायल सिर्फ रूस में ही हुए हैं, इसलिए अलग अलग वैरिएंट के खिलाफ इसका प्रभाव अभी तक पता नहीं लग पाया है. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, स्पूतनिक-V को लेने के बाद लोगों को दर्द या फ्लू जैसे साइड इफेक्टर का सामना करना पड़ सकता है. तो ये रही वो तीनों वैक्सीन जिनको भारत में मंजूरी मिल चुकी है. अब जानते है बाकि कोरोना की वैक्सीनों के बारे में…

फाइजर-बायोएनटेक

ये वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 95% कारगर है. इसके साथ ही ये कोरोना के यूके वैरिएंट, साउथ अफ्रीकी वैरिएंट और ब्राजीली वैरिएंट के खिलाफ भी काफी असरदार है.

मॉडर्ना

ये कोरोना के खिलाफ 95% कारगर है. ये भी कोरोना के यूके वैरिएंट (B117), साउथ अफ्रीकी वैरिएंट (B1351) और ब्राजीली वैरिएंट (P1) के खिलाफ काफी असरदार है.

साइनोवैक बायोटेक

ये वैक्सीन चीन द्वारा बनाई गई है, ये भी दो डोज़ वाली वैक्सीन है जो कोरोना के खिलाफ 50% असरदार है. ब्राजील में हुए अध्ययन के मुताबिक यह P1 वायरस के खिलाफ भी 50% असरदार साबित हुई है.

नोवावैक्स

ये दो डोज़ वाली प्रोटीन आधारिक वैक्सीन है. कोरोना के खिलाफ ये 89% कारगर है. अलग अलग वैरिएंट की बात करें तो यह यूके और ब्राजील वैरिएंट के खिलाफ कारगर है.

जॉनसन एंड जॉनसन

ये दुनिया की अकेली सिंगल डोज़ वैक्सीन है. ये कोरोना वायरस के खिलाफ 66% कारगर है. कोरोना के यूके वैरिएंट (B117), साउथ अफ्रीकी वैरिएंट (B1351) और ब्राजीली वैरिएंट (P1) तीनों के खिलाफ कारगर है. लेकिन B1351 और P1 के खिलाफ ज्यादा असरदार साबित नहीं हुई है.

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लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि सारे टीके डब्ल्यूएचओ के मानकों पर खरे उतरे हैं. साथ ही सभी टीके जिनको मंजूरी मिल चुकी है वो कोरोना से बचाव में समान रूप से कारगर हैं तो आप कोई भी टीका ले सकते हैं. भारत समेत दुनियाभर में तेजी से कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान जारी है. आलम ये है कि भारत में करीब 24 करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है और दिसंबर तक सभी को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है.