Corona vaccine: भारत में मंजूर कोरोना की वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ और ‘कोविशील्ड’ के बारे में यहां जाने पूरी जानकारी

नए साल के शुरुआत में ही भारत को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के मोर्चे पर जबरदस्त सफलता मिली है.इस महामारी से लड़ने के लिए भारत में दो वैक्सीन को सरकारी मंजूरी मिल गई है.सरकार की ओर से भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड को मंजूरी दी गई है. इसी के मद्देनजर देश के अलग-अलग राज्यों में वैक्सीनेशन का ड्राई रन भी हुआ है, ऐसे में कह सकते है कि वैक्सीनेशन को लेकर तैयारी पूरी है और जल्द ही देश में वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. लेकिन इन सब के बीच अभी भी वैक्सीनेशन को लेकर कुछ ऐसे सवाल हैं जो आशंका पैदा करते हैं..जैसे इन दोनों वैक्सीन में अंतर क्या है..ये कौन सी कंपनी द्वारा विकसित की गई है.इनकी कीमत क्या है.  हालांकि इनमें सबसे अहम सवाल ये है कि आखिर इन दोनों में से कौन-सी कंपनी की वैक्सीन बेहतर है. तो चलिए इन्हीं सवालों के जवाबों पर एक नज़र डालते है….

Twelve year and above kids can get Bharat biotech covaxin Coronavirus  vaccine - इस उम्र के बच्चों को भी लगाई जा सकती है भारत बायोटेक की कोवैक्सीन  | India News in Hindi

दोनों ही वैक्सीन भारत में ही मैन्युफैक्चर की गई हैं. इसमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की सहायता से बनाई गई है और दूसरी भारत बायोटैक की कोवैक्सीन है. कोवैक्सीन बनाने वाली भारत बायोटेक कंपनी हैदराबाद में स्थित है जबकि कोविशील्ड नाम की वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट पुणे में स्थित है. इन दोनों ही वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने वाली DCGI(Drugs Controller General of India) से लेकर देश के जाने माने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने इन दोनों वैक्सीन को कोरोना के लिए कारगर बताया है.

वैक्सीन पर भारतीय वैज्ञानिकों की कामयाबी का WHO ने भी स्वागत किया है. WHO ने बयान जारी कर कहा कि इससे दक्षिण पूर्व एशिया में महामारी पर लगाम लगाने में कामयाबी मिलेगी.

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दोनों ही वैक्सीन अलग-अलग तकनीक द्वारा बनाई गई है. ‘कोवैक्सीन’ यानी भारत बायोटेक की वैक्सीन को कोविड-19 को निष्क्रिय करके विकसित किया गया है. इसके लिए आईसीएमआर ने भारत बायोटेक को जिंदा वायरस दिया था. इस वायरस को निष्क्रिय करके भारत बायोटेक ने कोरोना की वैक्सीन विकसित की है.

जबकि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन  ‘कोविशील्ड’ को एडिनोवायरस को निष्क्रिय करके तैयार किया गया है. पहले चिंपैजी में साधारण जुकाम करने वाले निष्क्रिय एडिनोवायरस के ऊपर SARS-CoV-2 की स्पाइन प्रोटीन का जेनेटिक मेटेरियल लगाकर तैयार किया गया है.

-आपने ये तो जान लिया कि ये दोनों वैक्सीन तैयार कैसे की गई है..अब चलिए ये भी जान लेते है कि ट्रायल के दौरान कौन-सी वैक्सीन ज्यादा असरदार रही है….

‘कोविशील्ड’ सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार की गई वैक्सीन को ट्रायल में 70.4 प्रतिशत असरदार पाया गया है. जबकि कोवैक्सीन जो भारत बायोटेक द्वारा तैयार की गई है और पूरी तरह से स्वदेशी है उसे ट्रायल में 100 प्रतिशत असरदार पाया गया है. हालांकि दोनों ही कोरोना वैक्सीन का अभी तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है.

वैसे इन दोनों कंपनियों की वैक्सीन में एक समानता जरूर है कि दोनों वैक्सीन की दो खुराक लेनी होगी. यानी कि वायरस से निपटने के लिए कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक जरूरी है तभी वैक्सीन असरदार होगी. दोनों खुराक लेने के बीच चार हफ्ते यानी करीब 28 दिनों का अंतर होना चाहिए.

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-अब यहां ये भी जान लेते है कि दोनों वैक्सीन की कीमत में क्या अंतर है

जानकारी के अनुसार, स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन की कीमत 100 रुपये से भी कम हो सकती है.बता दें कि भारत बायोटेक कंपनी ने इस वैक्सीन के निर्माण में करीब 350 से 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. जबकि कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत 500 से 600 रुपये की बीच हो सकती है. बता दें कि दोनों ही वैक्सीन को 2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जा सकता है.

-ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या वैक्सीन लगवाने के लिए पैसे देने होंगे?

भारत में वैक्सीन मुफ्त मिलेगी या फिर नहीं, अभी ये बात साफ नहीं है.हालांकि पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एक बयान दिया था कि पूरे देश में वैक्सीन मुफ्त मिलेगी,मगर बाद में उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को ये मुफ्त दी जाएगी. इसके अलावा अलग-अलग राज्य सरकारें अपने हिसाब से नियम तय कर रही हैं. ऐसे में वैक्सीन मुफ्त होगी या नहीं, अभी इसकी तस्वीर साफ नहीं हुई है.

-एक अहम सवाल ये भी है कि क्या वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना वायरस नहीं होगा?

तो जान ले कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि वैक्सीन लगवाने के बाद आप पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे. हालांकि, वैक्सीन आपको काफी हद तक कोरोना से प्रोटेट करेगी. लेकिन फिर भी आपको पूरी तरह खुद से सतर्क रहना होगा. कोरोना के गाइडलाइन्स का पालन करना होगा ताकि आप खुद को और अपनो को सुरक्षित रख सकें. मास्क, दो गज की दूरी और हाथ धोना लगातार जारी रखना होगा.