Corona Vaccine: रूस 6 साल से बना रहा था वैक्सीन, 2021 की शुरुआत में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का होगा उत्पादन

दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ने के बीच जल्द से जल्द वैक्सीन लॉन्च करने की दौड़ तेज हो गई है. फिलहाल रूस ने एक वैक्सीन लॉन्च कर इस दौड़ में सबसे आगे होने का दावा किया है. हालांकि, इस वैक्सीन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रूस ने दावा किया है कि वह 6 साल से कोरोना के टीके की तैयारी में जुटा था.

इस वैक्सीन के रिसर्च की फंडिंग करने वाले समूह के प्रमुख किरिल दमित्रीव ने गुरुवार को यह खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों से हम इबोला, मर्स और सार्स वायरस की वैक्सीन विकसित कर रहे थे, जो कोरोना प्रजाति के ही वायरस हैं. कोविड-19 मर्स से मिलता-जुलता वायरस है और मर्स की वैक्सीन बनाने के लिए हम दो साल से जुटे थे. इसी वजह से हम जल्दी टीका बना सके हैं. उन्होंने आगे ये भी कहा कि जिन लोगों को रूस के टीके पर यकीन नहीं  हैं, वे अपने टीके की तैयारी कर सकते हैं.

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वही इन सब के बीच ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कोरोना की संभावित वैक्सीन पर काम कर रही कंपनी एस्ट्रा जेनेका ने कहा है कि इसका ह्यूमन ट्रायल इसी साल नवंबर तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद 2021 के शुरुआती महीनों में ही वैक्सीन का उत्पादन कार्य शुरू होने की संभावना है.

अधिकारी ने मुताबिक इस कोरोना वैक्सीन के Phase III का ट्रायल दिसंबर के आखिरी तक पूरा हो जाएगा. तीसरे चरण का ट्रायल अमेरिका और ब्राजील में शुरू हो चुका है.वही भारत में भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी मिल चुकी है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भारत में ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के दूसरे और तीसरे फेज के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी मिली है.

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय भारत में 3 वैक्सीन को लेकर ट्रायल चल रहे हैं. भारत उन देशों में भी शामिल है जो ह्यूमन ट्रायल की स्टेज को पार करने की ओर है. वही विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया भर में इस वक्त कोरोना वायरस की करीब सौ से अधिक वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है. जिनमें अमेरिका, भारत, चीन, रूस, इजरायल, ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं.