Corona Vaccine:रूस में दो हफ्ते में आ जाएगी वैक्सीन की पहली खेप,भारत को नवंबर में वैक्सीन दे सकता है रूस

एक तरफ जहां कोरोना का संक्रमण तेजी के साथ बढ़ रहा है तो दुसरी ओर इसकी वैक्सीन को लेकर कई देशों से अच्छी खबरे सामने आ रही हैं. जहां रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है, वही अमेरिका से भी वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. अमेरिकी कंपनी फाइजर और जर्मनी की कंपनी बायोनटेक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कोविड-19 वैक्सीन ने स्वस्थ व्यस्कों पर बेहतर असर दिखाया है. चिकित्सकीय परीक्षण के शुरुआती चरण में वैक्सीन ने 18 से 55 साल तक के स्वस्थ वयस्कों में कोरोना संक्रमण के खिलाफ एक मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न की है. ऐसे में वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के टीकों को आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है.

Coronavirus, COVID-19 Vaccine Tracker Update, 13 August: US has ...

वही अगर रूस की वैक्सीन की बात करें तो रूस ने अपने वैक्सीन को लेकर उठी अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को खारिज करते हुए इसे ‘बिल्कुल बेबुनियाद’ बताया है. रूस ने मंगलवार को दावा किया था कि उसने अपने यहां एक वैक्सीन बना ली है, जिसका इंसानों पर लगभग दो महीने परीक्षण किया गया और फिर इसे मंजूरी दे दी गई. लेकिन कई वैज्ञानिकों ने रूस के इतनी तेजी से टीका बना लेने के दावे पर संदेह जताया. जिसके बाद रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा कि, ‘ऐसा लगता है जैसे हमारे विदेशी साथियों को रूसी दवा के प्रतियोगिता में आगे रहने के फायदे का अंदाजा हो गया है और वो ऐसी बातें कर रहे हैं जो कि बिल्कुल ही बेबुनियाद हैं.’

वही इस वैक्सीन के रिसर्च की फंडिंग करने वाले समूह के प्रमुख किरिल दमित्रीव ने कहा है कि रूस अन्य देशों को नवंबर तक वैक्सीन की सप्लाई कर सकता है. इससे पहले रूस ने बताया था कि भारत सहित 20 देश उसकी वैक्सीन खरीदने में रुचि जाहिर कर चुके हैं. ऐसे में भारत में नवंबर तक ये वैक्सीन उपल्ब्ध हो सकती है.

इसके साथ ही रूस का कहना है कि इस वैक्सीन की पहली खेप अगले दो हफ्तों में आ जाएगी और पहले ये मुख्य तौर पर डॉक्टरों को दिया जाएगा. इसके बाद उनकी योजना है कि अक्तूबर महीने से बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए कार्यक्रम शुरू किया जाएगा.

हालांकि, रूसी वैक्सीन का फेज-3 ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है. इसलिए दुनियाभर के कई वैज्ञानिकों ने इस रूसी वैक्सीन को लेकर सतर्क रहने के लिए कहा है लेकिन वही रूस ने दावा किया है कि ये दुनिया की पहली और सफल कोरोना वैक्सीन है.