ये है वो दवा जिससे इस साल के अंत तक हो सकता है कोरोना का इलाज

कोरोना वायरस की वैक्सीन खोजने में पूरी दुनिया लगी हुई है. हालाँकि किसी को अभी तक इसमें पूर्ण रूप से सफलता नही मिल पायी है. कोई इलाज ना होने की वजह से कोरोना महामारी से अभी तक लोग सिर्फ बचाव ही करते आ रहे है… लेकिन उम्मीदें दिनों दिन बढती जा रही हैं. उम्मीद इसलिए भी बढ़ रही हैं क्योंकि कुछ दवाएं कोरोना के इलाज में कारगार साबित होती दिखाई दे रही हैं . इन्हीं में से के दवा है वैक्सीन एजेडडी1222

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार कोरोना वैक्सीन AZD1222 से उम्मीदें बढ़ गई हैं. यूरोप के कई देश ऑक्सफोर्ड की इस वैक्सीन के ट्रायल को सफल बनाने के लिए मदद कर रहे हैं. खास बात ये है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन AZD1222 अन्य वैक्सीन कैंडिडेट के मुकाबले काफी आगे चल रही है. कई देशों में इस पर काम हो रहा है और भारत भी इसमें शामिल है. शुरुवाती ट्रायल में इस दवा का असर लोगों पर पॉजिटिव देखने को मिला है यही कारण है कि अब इसका ट्रायल बड़े पैमाने पर किया गया है.. जिसका रिजल्ट आना भी  बाकी है लेकिन वैज्ञानिकों को पूरा विश्वास है कि ये दवा काम कर ही जाएगी. बड़े ट्रायल के लिए वैक्सीन की खुराक का उत्पादन इटली के रोम में एडवेंट कंपनी ने किया.

AZD1222 वैक्सीन के लिए यूरोप के कई देश ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीसे बातचीत में लगे हुए हैं. पिछले हफ्ते ही इटली, जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड ने ऑक्सफोर्ड वैक्सीन की 40 करोड़ डोज के लिए डील की. इटली के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्पेरंजा ने कहा कि हमारे साइंटिस्ट समझते हैं कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन सबसे पहले आएगी. फिलहाल कोई अन्य कंपनी ये नहीं कह रही है कि इस साल के आखिर तक उनकी वैक्सीन आ जाएगी. आपको बता दें कि ये पहली वैस्कीन हो सकती है इस साल कोरोना के इलाज में कारगर साबित हो सकती है.

आपको ब्रा दने कि विश्व भर के 100 लैब, यूनिवर्सिटी और दवा कंपनियां कोरोना वैक्सीन के लिए काम कर रही हैं. वहीँ WHO के मुताबिक, 11 वैक्सीन कैंडिडेट क्लिनिकल टेस्टिंग शुरू कर सके हैं. WHO ने कहा है कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन ट्रायल के आखिरी फेज में पहुंच गई है.आपको बता दें कि दवा बनाने वाली कंपनी ने कहा कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन की लाखों डोज का निर्माण शुरू कर दिया गया है. ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे के साथ-साथ भारत में भी वैक्सीन का निर्माण हो रहा है. वहीँ कंपनी के सीईओ पैस्कल सोरिअट ने बीबीसी से बात करते हुए बड़ा एलान किया था उन्होंने कहा था कि महामारी घोषित रहने तक कंपनी वैक्सीन निर्माण से लाभ नहीं कमाएगी.

इस खबर के बाद उम्मीद तो यही जगी है कि इस साल के अंत तक कोरोना वायरस की वैक्सीन आ जायेगी अगर सबकुछ ठीक रहा तो..