‘देश की लॉकडाउन में हवा की सेहत सुधरी,50 प्रतिशत तक प्रदूषण में आई कमी’

दिल्ली के प्रदूषण से आखिर कौन वाकिफ नहीं है. यहां जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, वैसे-वैसे प्रदूषण का स्तर भी और बढ़ने लगता है. लेकिन इस बार के सर्दी में दिल्लीवालों को प्रदूषण से दो चार नहीं होना पड़ेगा. दिल्लीवालों को ही नहीं बल्कि पूरे देश में इस बार प्रदूषण की स्थिति सुधरी है.

दरअसल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी की CPCB की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है. सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान 2019 की तुलना में पीएम 2.5 में 50 प्रतिशत की कमी देखी गई. रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम 2.5 में लॉकडाउन से पहले भी 24 प्रतिशत की कमी आई और लॉकडाउन के दोनों चरणों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई. वहीं, 2019 के मुकाबले दूसरे चरण के दौरान पीएम-10 में 60 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जिसमें नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के स्तर में 64 फीसदी, बेंजीन में 62 फीसदी और सल्फर डाइऑक्साइड में 35 फीसदी की कमी सामने आई है.

Delhi dust pollution back to CWG days

वही रिपोर्ट में कहा गया है कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता दिल्ली के सामान ही रही. इन इलाकों में लॉकडाउन के दौरान पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में 50 फिसदी से ज्यादा की कमी आई. गुरुग्राम में तेज सुधार के साथ ज्यादातर पड़ोसी इलाकों में लॉकडाउन के पहले चरण के दौरान पीएम 10 के स्तर में 61 प्रतिशत की कमी और गाजियाबाद में 2019 के स्तर के मुकाबने पीएम 2.5 के स्तर में 54 प्रतिशत की कमी देखी गई. पीएम 10 के स्तर में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में लॉकडाउन के दूसरे चरण में, 2019 के स्तर की तुलना में देखने को मिला. ये रिपोर्ट पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने सीपीसीबी के 46वें स्थापना दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम में जारी की.

इस दौरान बाबुल सुप्रियो ने वायु प्रदूषण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए संगठन की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की. सुप्रियो ने कहा कि सीपीसीबी पिछले चार दशकों से वायु प्रदूषण को कम करने और इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए अहम भूमिका निभा रहा है.

ANita sharmas blog on delhi, its problem and ignorance - दिल्ली, तूने सबको अपना घर दिया, लेकिन हमने तुझे अनाथ कर दिया

वही दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने के लिए दिल्ली सरकार ने भी कवायद तेज कर दी है. पराली के धुएं से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ बैठक की. बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कि अगर वैज्ञानिकों के नई तकनीक का इस्तेमाल सही तरीके से खेतों में किया जा सका तो पराली जलाने की समस्या को दूर किया जा सकता है.

इन रिपोर्ट और दावों को देखे तो हम ऐसा अनुमान लगा सकते है कि इस बार सर्दी में दिल्ली वालों के साथ साथ देशवासियों को पहले जैसे प्रदुषण का सामना नही करना पड़ेगा…