दिल्ली : यमुना के पानी में बढ़ा अमोनिया, दिल्ली में हो सकती है पीने के पानी की किल्लत

दिल्ली को पीने के लिए पानी यमुना नदी से मिलता है.. लेकिन जब इसी यमुना का पानी पीने लायक ही ना बचे तो क्या होगा…? दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने बताया कि यमुना नदी के पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ जाने की वजह से एक बार फिर दिल्ली वालों के लिए पानी मुसीबत बन सकता है… यमुना नदी में बढे अमोनिया के लिए हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि कई बार याद दिलाने के बाद भी हरियाणा की ओर से यमुना में औद्योगिक प्रदूषण को नहीं रोका जा रहा है। इस वजह से वजीराबाद बैराज पर यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़कर 7 पीपीएम( पार्ट्स पर मिलियन) तक पहुंच गई है जबकि इसका मानक 0.8 पीपीएम है.
दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन राघव चड्ढा ने बयान जारी कर कहा है कि साफ पानी दिल्ली का हक है. दिल्ली को वैसे भी जरूरत से कम पानी मिल रहा है और उसमें भी इतना अमोनिया मिल रहा है कि हमारे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स में बार-बार दिक्कतें आ रही हैं. कई बार प्लांट बंद भी करना पड़ता है. मंगलवार को यमुना के पानी में 7 पीपीएम तक अमोनिया था. पिछले 2 साल के दौरान दिल्ली में यमुना के पानी में अमोनिया का यह सबसे उच्चतम स्तर है इसकी वजह से वजीराबाद, चंद्रावल प्लांट की क्षमता 50 फीसदी तक कम हो गई और ओखला प्लांट पर भी काफी असर पड़ा.

राघव चड्डा ने इस मामले में CPCB से दखल देने की बात कहीं है वहीँ सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली में 22 गंदे नालों की पहचान की गई थी। इनमें से 14 गंदे नाले से यमुना में प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार बताया था। इसकी वजह से अमोनिया की मात्रा बढ़ती है साथ ही झाग भी उत्पन्न होता है