दिल्ली में जारी है प्रदुषण का तांडव, ये शहर रविवार को रहे सबसे प्रदूषित

दिल्ली में प्रदुषण का तांडव जारी है… आनंद विहार484 , मुंडका 470, ओखला (फेज-2) 465  और वजीरपुर 468  में एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। प्रदूषण के लिहाज से सभी इलाके गंभीर स्थिति में हैं।  दिल्ली के अलावा एनसीआर में भी कोई राहत नहीं है।

सोमवार को दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने पराली जलाए जाने (Stubble Burning) के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया, उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण (Delhi Pollution) में पराली जलाने की हिस्सेदारी बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है, लेकिन विपक्षी दल इसे मानने को तैयार नहीं है और ना ही वो इसे रोकने के उपाय कर रही है।
दिल्ली में सिर्फ प्रदूषण ही नही बल्कि कोरोना वायरस भी कहर बरपा रहा है.. दिल्‍ली में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 7745 नए मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है. यह एक दिन में दिल्‍ली में आने वाले सर्वाधिक मामले हैं. इसके साथ दिल्‍ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 4.38 लाख से अधिक हो गई है.

पिछले 24 घंटे में दिल्‍ली में कोराना संक्रमण के 7745 नए मामले सामने आए हैं तो इस दौरान 77 और मरीजों ने दम तोड़ा है. इसके साथ दिल्‍ली में कोरोना वायरस महामारी की वजह से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 6989 हो गया है.
कोरोना और वायु प्रदूषण की समस्या का हवाला देते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘जिस तरह हमने पिछले वर्ष दीपावली पर पटाखे नहीं जलाने का संकल्प लिया था और दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में जुटकर दीपावली की खुशियां बांटी थीं, उसी तरह इस बार भी करना है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने एक एप लॉन्च किया है। जिसका नाम है ‘ग्रीन दिल्ली’ एप, जिसके आने के बाद अब लोग को अगर अपने आसपास कहीं भी प्रदूषण देखें तो इसकी शिकायत कर सकते हैं।

रविवार को भी पूरे एनसीआर की हवा में प्रदूषण 400 के पार गंभीर स्तर पर बना रहा। प्रदूषण पर काबू पाने के सभी उपाय विफल हो चुके हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि अगले दो दिन भी ऐसे ही हालात बने रहेंगे। रविवार को देश का सबसे प्रदूषित शहर उत्तर प्रदेश का आगरा रहा जबकि दूसरा नंबर गाजियाबाद था।

रविवार को ये थे एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहर

गाजियाबाद      456

ग्रेटर नोएडा      440

गुरुग्राम          434

नोएडा           428

फरीदाबाद       426

दिल्ली           416

हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुँचने पर डॉक्टरों की सलाह है कि जरूरत न हो तो घरों से बाहर न निकलें.. अगर घर से बाहर निकलते भी हैं तो आँख और मुंह को अच्छी तरह से ढक कर ही बाहर निकलें.