DELHI POLLUTION: साल 2020 की ये रिपोर्ट राहत भरी है!

दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण से कौन वाकिफ नहीं है लेकिन इस बीच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक चौकांने वाली रिपोर्ट सामने आई है. सीपीसीबी के मुताबिक, साल 2020 के दिसंबर महीने में पिछले चार साल की तुलना में वायु प्रदूषण सबसे निचले स्तर पर बना रहा. सीपीसीबी के अनुसार, दिसंबर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 308 रहा.

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अगर बीते साल के दिसंबर महीनों के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में ये 337, 2018 में 360 और 2017 में ये 316 रहा. वही साल 2020 के दिसंबर माह में कुल चार गंभीर वायु गुणवत्ता वाले दिन रहे जबकि 2019, 2018 और 2017 में हर बार आठ दिन गंभीर वायु गुणवत्ता वाले थे. वहीं इस बार सबसे अधिक एक्यूआई 433 तक गई जो कि चार सालों में सबसे कम था. दिसंबर 2019 में ये 446, 2018 में 450 और 2017 में 469 थी.

सफर इंडिया द्वारा भी एक आंकड़ा जारी किया गया है जिसके मुताबिक, बीते तीन साल में साल 2020 में दिल्ली में सबसे अधिक दिन हवा साफ यानी स्वच्छ रही. साल 2020 में 249 दिन वातावरण में पीएम-10 और 173 दिन पीएम-2.5 का स्तर सामान्य से ज्यादा रहा, इसके साथ ही साल 2020 में 116 दिन पीएम-10 का स्तर सामान्य से कम और 192 दिन पीएम-2.5 का स्तर सामान्य से कम रहा. जबकि साल 2018 और साल 2019 में ऐसे दिनों की संख्या बहुत कम रही थी.

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ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा की साल 2020 में प्रदूषण का असर कम रहा. जाहिर तौर पर इसकी सबसे बड़ी वजह लॉकडाउन रहा. क्योंकि लाकडाउन के दौरान सड़कों पर वाहनों की संख्या घटने और औद्योगिक इकाइयां बंद होने से हवा साफ हो गई थी. हालांकि जैसे-जैसे लॉकडाउन खुलने लगां प्रदूषण की मात्रा फिर से बढ़ते चला गया.

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 90 प्रतिशत से अधिक आबादी निर्धारित मानकों के अनुसार हवा में साँस नहीं ले पा रही है. वायु प्रदूषण की वजह से लोग समय से पहले मरने लगे है और उनकी आयु 2.6 साल कम हुई है. ऐसे में साल 2020 की ये रिपोर्ट कहीं ना कही राहत जरूर देती है.