दिल्ली जल्द होगा प्रदूषण मुक्त! सड़कों से हटेंगे सभी पुराने वाहन!

देश के विभिन्न राज्यों में दो करोड़ से अधिक वाहन अभी भी सड़कों पर धुंआ उगल रहे हैं. इससे वायु प्रदूषण होने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है. केंद्र सरकार ने पहले ही वैकल्पिक कबाड़ नीति लागू कर ऐसे वाहनों को सड़कों से हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. लेकिन अभी भी ऐसे 2 करोड़ से अधिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है. पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने लोकसभा को इस बारे में विस्तृत जानकारी दी है.

पर्यावरण मंत्री अश्विनी चौबे ने सदन को जानकारी दी कि देश में 20 साल से पुरानी सबसे ज्यादा 39.48 लाख गाड़ियां कर्नाटक राज्य में है. इसके बाद दूसरे नंबर पर दिल्ली है जहां 36.14 लाख गाड़ियां 20 साल से ज्यादा पुरानी हैं. पर्यावरण मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि पुरानी गाडियों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश और केरल भी ऊंचे पायदान पर हैं. उत्तर प्रदेश में 20 साल से ज्यादा पुरानी 26.20 लाख, केरल में 20.67 लाख, तमिलनाडु में 15.99 लाख और पंजाब में 15.32 लाख गाड़ियां हैं. इस तरह देश में कुल 2.14 करोड़ ऐसी गाड़ियां हैं जो 20 साल से पुरानी हैं. उन्होंने कहा कि इसमें आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं, क्योंकि ये राज्य केन्द्रीय ‘वाहन’ पोर्टल पर नहीं हैं.

ऐसे में सोचिए की अगर इसमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, लक्ष्यद्वीप के वाहनों की संख्या शामिल कर दी जाएं तो पुराने वाहनों का आंकड़ा और अधिक हो जाएगा.

बता दें कि इस साल की शुरुआत में केन्द्र सरकार ने नई ‘वाहन स्क्रैप पॉलिसी’ पेश की है. नए कानून लागू होने पर 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहन व 20 साल पुराने निजी वाहनों को कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा. सरकार ने पुराने वाहनों के प्रति प्रोत्साहित करने और नए वाहनों को खरीदने के लिए आकर्षित करने के नियमों में कई बदलाव भी किए हैं.

केन्द्र सरकार देश की सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाना चाहती है. इसके लिए केंद्र सरकार प्रयास भी कर रही है. इसका मकसद पुराने वाहनों से ज्यादा होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना है. साथ-साथ देश की इकोनॉमी को रफ्तार देना भी है.अगर ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में दिल्ली समेत भारत में वायु प्रदूषण में कमी देखने को मिल सकती है.