आने वाले 15 साल में दिल्ली की जनसंख्या हो जायेगी 2.66 करोड़! सांख्यिकी रिपोर्ट से सामने आई जानकारी

दिल्ली सरकार द्वारा सांख्यिकी रिपोर्ट 2020 जारी की गयी… इस रिपोर्ट में दिल्ली से जुडी कई बड़ी बातें सामने आई है… इस रिपोर्ट बताया गया है कि दिल्ली की जनसंख्या में कितनी उछाल आने वाली है? दिल्ली में कितने बच्चे स्कूल जा रहे हैं? कितने वृद्ध पेंशन ले रहे है? कितनी नई गाड़ियाँ खरीदी गयीं? ऐसी बहुत से जानकारी इस रिपोर्ट में दी गयी है जोकि सरकारी आकड़े हैं.. आइये इसी पर एक नजर डालते हैं..
दिल्ली की जनसख्या को लेकर कहा गया है कि साल 2026 तक 2.25 करोड़ तक पहुंच जाएगी. साल 2031 तक यह संख्या बढ़कर 2.46 करोड़ और साल 2036 तक 2 करोड़ 66 लाख तक पहुंच जाएगी। यानी दिल्ली की आबादी अगले 15 साल में करीब 2 करोड़ 66 लाख हो जाएगी। साल 2012 मेंहुई जनगणना में दिल्ली की जनसख्या लगभग 2 करोड़ सामने आई थी..


वहीँ अगर दिल्ली के स्कूलों और छात्रों की बात करें तो वित्त वर्ष 2019-20 में दिल्ली में स्कूलों की कुल संख्या 5691 थी, जिसमें 44.77 लाख बच्चों का नामांकन किया गया, जबकि 2018-19 में 44.20 लाख बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे थे। इसमें 23.65 लाख छात्र व 21.12 लाख छात्राएं हैं।
दिल्ली में सफ़र करने के लिए डीटीसी और मेट्रो की सेवा सबसे उपयोगी मानी जाती है. वित्त वर्ष 2019-20 में डीटीसी बसों में 33.29 लाख यात्रियों ने रोजाना सफर किया, जबकि मेट्रो में 51.65 लाख यात्रियों ने प्रतिदिन यात्रा की।बात अगर गाड़ियों की जाये तो वित्त वर्ष 2019-20 तक 118.93 लाख पंजीकृत वाहन थे, जिसमें 32.12 लाख कार व जीप हैं, जबकि 79.60 लाख मोटरसाइकिल व स्कूटर हैं। वहीँ सिर्फ साल 2019 -20 में पांच लाख से अधिक नए वाहनों का पंजीकरण किया गया (ये कोरोना वाला वक्त था)

हालाँकि इस रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि  दिल्ली में एक साल में शराब की खपत कम हुई है। वर्ष 2018-19 में दिल्ली में 255.98 लाख केस शराब की बिक्री हुई, लेकिन यह खपत 2019-20 में घटकर 222.24 केस हो गई।( हालाँकि इस पर भी कोरोना का प्रभाव हो सकता है क्योंकि महीनों तक शराब की दुकाने बंद थी) दिल्ली में 1242 अस्पताल व नर्सिंग होम हैं, जिनमें कुल 55,976 बेड हैं। एलोपैथिक अस्पतालों की संख्या 991, आयुर्वेदिक-यूनानी 260 व होम्योपैथिक अस्पतालों व क्लीनिक की संख्या 178 है।