किस तरह अलग-अलग जोन में बांटे गये हैं देश के जिले? क्या होता है हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट

देश में लॉकडाउन की अवधि अब 3 मई तक बढ़ा दी गयी है. कोरोना को रोकने के लिए कई राज्यों में कड़ाई से नियमों का पालन किया जा रहा है इसके बावजूद भी कई जगहों पर कोरोना संक्रमण रुकने के बजाय फैलते जा रहा है. इसलिए प्रभावित इलाकों की पहचान के लिए जगह के हिसाब से कई जोन में बांटा गया है. आइये जानते हैं क्या हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट?

हॉटस्पॉट

जिन इलाकों में कोरोना के ज्यादा मामले मिले हैं, उसे हॉटस्पॉट की श्रेणी में रखा गया है। इन इलाकों के लिए स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकारें इन्हीं दिशानिर्देशों के आधार पर हॉटस्पॉट की घोषणा करती है। हॉटस्पॉट में किसी भी आवाजाही पर रोक रहती है।

कंटेनमेंट

वह इलाका जो वायरस से संक्रमित तो नहीं हुआ है, लेकिन जहां इसकी आशंका ज्यादा है। इन इलाकों से कुछ लक्षणों के आधार पर लोगों की जांच होती है। ऐसे इलाकों में अनिवार्य सेवा और सुरक्षा मामले को छोड़ किसी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।

तीन जिन बांटे गये हैं देश के जिले

हॉटस्पॉटरेड जोन: 170 जिले। 123 में सर्वाधिक संक्रमण, 47 जिलों में क्लस्टर। यहां चलेगा सघन अभियान

गैर हॉटस्पॉट-ऑरेंज जोन: 207 जिले, इन जिलों में 15 से कम मरीज, इन्हें हर हाल में रेड जोन से रोकना है 

ग्रीन जोन: इन जिलों में संक्रमण नहीं

वहीँ अगर 14 दिन में केस नहीं मिलता, तो रेड जोन का जिला ऑरेंज में आ जाएगा। 
ऑरेंज जिले में 14 दिन तक एक भी मरीज नहीं मिलता तो वह ग्रीन जोन में आ जाएगा