ब्लैक फंगस को हल्के में ना लें! केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कैसे करें बचाव

कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीज अब ब्लैक फंगस (Black Fungus) यानि म्यूकरमाइकोसिस के भी शिकार हो रहे हैं. लगातार बढती ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने अपने ट्वीटर पर इससे जुडी जानकारी शेयर की है अपने इस ट्वीट में स्वास्थ्य मंत्री ने चार स्लाइड में समझाया है कि किस तरह इसकी पहचान करके इसकी रोकथाम की जा सकती है.

दरअसल म्यूकरमाइकोसिस एक फंगल इन्फेक्शन है, जो उन लोगों में ज्यादा देखने को मिल रहा है, जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो और जो वातावरण में मौजूद रोगाणुओं से लड़ने में अक्षम हों.

स्वास्थ्य मंत्री के ट्वीट के दूसरी स्लाइड में इस बात का जवाब दिया गया है कि किस तरह लोग इस संक्रमण के शिकार हो सकते हैं. ऐसे लोग जो पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त हों, जिनकी वेरिकोनाज़ोल थेरेपी यानि किसी गंभीर फंगल इन्फेक्शन का इलाज चल रहा हो, जिनका डायबिटीज नियंत्रण में न हो, स्टेरायड देने की वजह से इम्यूनिटी पर असर हुआ हो और जो लंबे वक्त से आईसीयू में रहे हैं. उन्हें ये फंगल इन्फेक्शन जल्दी हो सकता है.

आगे की स्लाइड में म्यूकरमाइकोसिस के क्या लक्षण हो सकते हैं और इस दौरान क्या करें और क्या ना करें ये बताया गया हैआंखों/नाक के किनारे दर्द होना या फिर लाल निशान पड़ना, बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खूनी उल्टी और मानसिक स्थिति पर असर पड़ना इस संक्रमण के लक्षण हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि अगर संक्रमण का डर है या फिर संक्रमण हो चुका है तो आपको क्या करना चाहिए,

– हाइपरग्लाइसीमिया यानी खून में शर्करा की मात्रा को कंट्रोल करने की कोशिश करें.

– ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडीफायर्स में साफ, स्टराइल पानी का इस्तेमाल करें.

– कोविड से डिस्चार्ज होने के बाद या फिर डायबिटीज़ में ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को मॉनिटर करते रहें.

– एंटीबायोटिक्स या एंटी फंगल दवाइयों का इस्तेमाल विवेकपूर्ण ढंग से करें.

दरअसल कोविड -19 की दूसरी लहर में ऐसे मरीज जो ठीक हो रहे हैं या ठीक हो चुके हैं दोनों में ही फंगस का संक्रमण मिलने के बाद म्यूकरमाइकोसिस चर्चा का विषय बन गया है. महाराष्ट्र में म्यूकरमाइकोसिस  के कई केस सामने आ चुके हैं कर्नाटक में भी ऐसा ही है और इन दो राज्यों के अलावा, ओडिशा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी ऐसे मामले सामने आए हैं.