कोरोना वैक्सीन की पहली डोज के बाद अगर ना लगवाएं दूसरी डोज तो क्या होगा?

भारत में कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं इस बीच कोरोना की वैक्सीन भी लोगों को तक पहुंचाई जा रही है भारत में लगभग 9 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनको कोरोना वैक्सीन के दुसरे डोज का इन्तजार है.. पहली वैक्सीन लेने के बाद कई लोगों में इन्फेक्शन देखने को मिले है.. जैसे बुखार आना, सिरदर्द होना , कमजोरी… इसकी वजह से कई लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं… लेकिन अगर आपने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ले ली है और दूसरी डोज नही लेते हैं तो इससे आप पर क्या फर्क पड़ेगा!

भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अगर आप नियमित समय पर डोज नहीं लेते हैं तो वैक्सीन का असर वैसा नहीं होगा जैसा कि होना चाहिए. वैक्सीन के कारगर तरीके से काम करने के लिए यह भी जरूरी है कि दोनों डोज के बीच समय का सही फासला हो जैसा कि निर्धारित किया गया है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति दूसरा डोज समय पर नहीं लगवा पाता है तो समस्या हो सकती है. वैक्सीन हमारे शरीर को कोविड-19 के वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने के लिए तैयार करता है जो एक निश्चित समय के अनुसार होता है.. यही वजह है कि यह दो डोज की वैक्सीन है जो अलग अलग समय पर लगवानी है. दूसरे डोज से हमारा शरीर प्रतिरोधी क्षमता के साथ सही तरह से कोविड-19 से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है.

अगर वैक्सीन 94 प्रतिशत प्रभावशाली है तो पहली डोज 60 प्रतिशत सुरक्षा देने में कारगर होती है. वहीं दूसरी डोज का काम इसे 94 प्रतिशत तक ले जाने का होता है. अगर दूसरा डोज नहीं लग पाया तो यह 60 प्रतिशत सुरक्षा देने के बाद धीरे धीरे वैक्सीन का प्रभाव कम हो जाता है.. इसलिए दूसरा डोज जरूरी है.

हालाँकि अभी भी इस बात पर जांच हो रही है कि अगर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नही ली तो क्या असर होगा… लेकिन ये बात साफ़ है कि वैक्सीन पूरी तरह से तभी प्रभावशाली हो सकती है जब वैक्सीन की दोनों डोज लग जाए