क्या इंसान के मर जाने के बाद भी काम करता है फिंगरप्रिंट!

कहा जाता है कि फिंगर प्रिंट इंसान की ऐसी पहचान होती है जिसे वो बदल नही सकता.. लेकिन फिंगरप्रिंट से जुड़े कई सवाल हमारे दिमाग में घूमते हैं.. इस वीडियो में आपको ऐसे कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं..

मरने के बाद किसी भी व्यक्ति की अंगुलियां जकड़ जाती हैं, जिसके चलते उनका फिंगरप्रिंट लेना आसान भी नहीं रहता. लेकिन कई बार फिंगरप्रिंट की जरूरत पड़ती है तो वैज्ञानिक इसके लिए उपकरण बना चुके है जिसकी मदद से फिंगरप्रिंट ली जाती है लेकिन ये बात एक दम सच है कि मनर के बाद इंसान के फिंगरप्रिंट में बदलाव आ जाते हैं..मतलब मृत और जिन्दा व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट में बहुत अंतर आ जाता है. इनका पता डॉक्टर, फोरेंसिक एक्सपर्ट तो लगा ही लेते हैं.

प्रयोगशालाओं में भी इनका पता साफतौर पर चल जाता है. लेकिन ऐसा भी नही है कि मृत व्यक्ति के फिंगरप्रिंट से कुछ मिल नही पता क ही व्यक्ति के जिंदा रहने और मृत होने के बाद फिंगरप्रिंट में एक खास तरह की सिमैट्री तो होती ही है.. कई मृत लोगों की पहचान भी इसी फिंगरप्रिंट से की जाती है..

वैसे आज के समय में फोन में भी फिंगरप्रिंट लॉक लगे होते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि मृत व्यक्ति के फोन के लॉक को आप उसके फिंगरप्रिंट से नही खोल सकते..इसके पीछे सबसे बड़ी वजह होती है कि मृत्यु के बाद जो हमारे फिंगरप्रिंट होते हैं, वो सिकुड़ने लगते हैं. इसी कारण ये फिंगरप्रिंट टेक्नोलॉजी एक मरे और एक जीवित इंसान में अंतर समझ लेती है.

अक्सर फिंगरप्रिंट सेंसर मृत्यु के बाद शुरुआती कुछ मिनटों में तो काम कर सकता है लेकिन फिर काम नहीं करता. मरते ही मानव शरीर में इलेक्ट्रिकल चार्ज खत्म हो जाता है. उस इलेक्ट्रिकल चार्ज से ही शरीर का कोशिका तंत्र काम करता है.