मौसम में हो रहे बदलाव के चलते 8 लोगों की रोज जा रही है जान! रिसर्च में हुआ चौकाने वाला खुलासा

हर साल देश में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हजारों लोगों की जान जाती है. बारिश का मौसम भी कई क्षेत्रों के लिए जानलेवा साबित होता है. कहीं अधिक बारिश की वजह से पैदा हुए बाढ़ जैसे हालत, तो कहीं आकाशीय बिजली गिरने, मकान गिरने जैसे आपदाओं से हर साल हजारों लोगों की मौत होती है. मौसम विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो बारिश के मौसम प्रतिदिन 8 व्यक्तियों की जान जा रही है.

दरअसल  भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा संकलित विषम मौसमी घटनाओं के कारण वर्ष 2010 से 2021 के मध्य तक होने वाली मौतों के आंकड़ों से यह बात सामने आई है कि बारिश के मौसम में प्रतिदिन 8 व्यक्तियों की जान जाती है. रिपोर्ट के अनुसार ‘‘विषम मौसमी घटनाओं के कारण पिछले साढ़े ग्यारह वर्षों की अवधि में 32,043 लोगों की मौत हुई.’’  इस तरह हर दिन औसतन करीब आठ लोगों की मौत हो रही है.

मौसम विज्ञान विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, भारी वर्षा के कारण उत्पन्न स्थितियों के कारण वर्ष 2010 से 2021 के मध्य तक 13,303 लोगों की मौत हुई जबकि लू के कारण 6,495 और शीतलहर के कारण 2,489 लोगों की मौत हुई. गर्जना तूफान के कारण इस अवधि में 3,832 लोगों की मौत हुई तथा चक्रवाती तूफान के कारण 895, धूलभरी आंधी के कारण 446 एवं हिमपात के कारण 345 लोगों की मौत हुई.

मौसम के कारण हुई मौत के आकड़ों के साथ ही पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा प्रकाशित जलवायु परिवर्तन संबंधी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसवीं सदी के मध्य से भारत में औसत तापमान में वृद्धि देखी गई है, मानसूनी वर्षा में कमी आई है, विषम तापमान एवं वर्षा की घटनाओं, सूखा और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि हुई है. जलवायु परिवर्तन पर मूल्यांकन रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1901 से लेकर 2018 के दौरान भारत के औसत तापमान में लगभग 0.7 डिग्री सेल्सिसय की वृद्धि हुई है. 1986 से 2015 के दौरान वर्ष के सबसे गर्म दिन और सबसे ठंडी रात के तापमान में क्रमश: 0.63 डिग्री सेल्सियस तथा 0.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है.