कोरोना काल में काशी ने दिखा दिया कि वो रुकती नहीं : नरेन्द्र मोदी

वाराणसी: कोरोना संकट काल में लगभग 08 माह बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गुरुवार को आये प्रधानमंत्री ने नागरिकों को 1475 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें जापान और भारत की मित्रता के प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर भी शामिल है। परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास बटन दबाकर करने के बाद प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में वाराणसी और उत्तर प्रदेश की भूमिका को जमकर सराहा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बीच भी काशी ने दिखा दिया कि वो रुकती नहीं है। काशी थकती नहीं है। कोरोना की दूसरी लहर ने पूरी ताकत के साथ हमला किया लेकिन वाराणसी और उत्तर प्रदेश ने इसका मुकाबला किया।

प्रधानमंत्री बीएचयू आईआईटी टेक्नो ग्राउन्ड में आयोजित जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी दुनिया के कई बड़े देशों से भी ज्यादा है। उस उप्र ने कोरोना की दूसरी लहर को बेहतर तरीके से संभाला है। प्रधानमंत्री ने पूर्व के दिनों का उल्लेख कर कहा कि लोगों ने वो दौर भी देखा है। जब दिमागी बुखार का सामना करने में मुश्किल आती थीं। पहले के दौर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और इच्छा शक्ति के अभाव में छोटे संकट भी बड़े लगते थे लेकिन आज स्थिति बदल गई है। उप्र में सबसे अधिक टेस्टिंग हो रही है। उप्र पूरे देश में सबसे अधिक वैक्सीनेशन का राज्य है। सबको मुफ्त वैक्सीन मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब किसान नौजवान को फ्री वैक्सीन लगाई जा रही है। मेडकिल कालेज चार गुना हो चुका है। संंसाधनों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बनारस में ही चौदह आक्सीजन प्लांट का लोकार्पण हुआ है। बच्चों के लिए विशेष आक्सीजन और आइसी विकसित करने का बीड़ा उप्र सरकार ने उठाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी नगरी आज पूर्वांचल का बहुत बड़ा मेडिकल हब बन रही है। जिन बीमारियों के इलाज के लिए कभी दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता था, अब उनका इलाज काशी में भी उपलब्ध है।