Environment Day: केंद्र सरकार ने की ‘शहरी वन्य कार्यक्रम’, की शुरुआत, शहरों में वन क्षेत्र बढ़ाने पर जोर

आज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मोदी सरकार शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए एक योजना लेकर आई है. इस योजना के तहत शहरों में जंगल क्षेत्र को बढ़ाने का काम होगा. इस योजना का नाम ‘शहरी वन्य कार्यक्रम’ है. आज शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस कार्यक्रम की घोषणा की है. इस योजना को देश के 200 शहरों के निगमों में लॉन्च किया गया है.

कोरोना महामारी की वजह से वर्चुअल तरीके से इस इवेंट को लॉन्च किया गया है. इस दौरान पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शहरों में भी जगलों के क्षेत्र को बढ़ाना जरूरी है. “हमारे ग्रामीण इलाकों में तो जंगल हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र में इसकी कमी है. कुछ शहरों में 2-3 जंगल हैं, लेकिन हमें इनको बढ़ाने की आवश्यकता है.

 

 

इस कार्यक्रम को लॉन्च करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस काम के फंडिंग में केंद्र सरकार मदद करेगी. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “शहरों में पार्क तो हैं लेकिन जंगल नहीं हैं. हमें शहरों में भी जंगलों का निर्माण करना है, इसलिए देश के 200 शहरी निगमों में हम शहरी वन्य कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं.”

प्रकाश जावड़ेकर ने इस अभियान से देश की जनता को ज्यादा से ज्यादा जुड़ने की अपील की है. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “मैं सबसे अपील करता हूं कि इस काम को मिलकर सब करें. हम पब्लिक प्राईवेट पार्टनर्शिप मोड और जनता के योगदान से इन शहरों को अच्छे जंगलों का ईनाम देने पर विचार कर रहे हैं.”

साथ ही प्रकाश जावड़ेकर ने भारत की जैव विविधता के बारे में भी बताया, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत में विश्व की 8 फीसदी जैव विविधता बरकरार है. भारत में दुनिया की 16 फीसदी आबादी है और इतनी ही आबादी पालतू पशुओं की है, लेकिन सिर्फ 2.5 फीसदी जमीन और 4 फीसदी प्राकृतिक जल स्रोत है और इसके बावजूद भी देश में जैव विविधता का स्तर बना हुआ है.ये बड़ी बात है.